
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सैक्टर योजना के तहत संचालित ‘गौ पालन योजना’ का दायरा बढ़ा दिया है। मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने योजना के विस्तार संबंधी प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी है।
अब इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ सामान्य वर्ग (General Category) के पशुपालकों को भी मिलेगा। इसके अलावा, योजना के तहत अब गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का भी विकल्प शामिल कर दिया गया है।
खबर की बड़ी बातें:
- सामान्य वर्ग भी शामिल: अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को पशु खरीदने पर 60% सरकारी सब्सिडी मिलेगी।
- यूनिट कॉस्ट में बढ़ोतरी: गाय या भैंस की प्रति यूनिट कॉस्ट ₹40,000 से बढ़ाकर ₹60,000 कर दी गई है।
- भैंस पालन को बढ़ावा: योजना में पहली बार गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
- 2128 पशुपालक होंगे लाभान्वित: पहले साल 2128 पशुपालकों को लाभ पहुँचाने के लिए सरकार ₹978.12 लाख खर्च करेगी।
किसे कितनी मिलेगी सब्सिडी? (सब्सिडी का नया ढांचा)
सरकार ने पशुपालन विभाग की इस योजना में प्रति यूनिट मूल्य ₹60,000 तय करते हुए सब्सिडी का गणित इस प्रकार निर्धारित किया है:
- अनुसूचित जाति / जनजाति (SC/ST) के लिए:
- राज्य सरकार की सब्सिडी (90%): ₹54,000
- लाभार्थी अंश (10%): ₹6,000
- सामान्य वर्ग (General Category) के लिए:
- राज्य सरकार की सब्सिडी (60%): ₹36,000
- लाभार्थी अंश (40%): ₹24,000
गाय के साथ अब भैंस भी खरीद सकेंगे पशुपालक
पशुपालन विभाग द्वारा संचालित इस योजना में पहले केवल एससी/एसटी वर्ग के लोगों को गाय की खरीद पर ही सब्सिडी मिलती थी और प्रति यूनिट मूल्य ₹40,000 निर्धारित था। अब योजना का विस्तार करते हुए इसमें भैंस खरीद का विकल्प भी जोड़ा गया है। इससे पशुपालक अपनी आवश्यकता और बाजार की मांग के अनुसार पशु का चयन कर सकेंगे।
पलायन रोकने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की पहल
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता (Rural Entrepreneurship) को नया आयाम मिलेगा:
- किसानों की आय में वृद्धि: दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों को नियमित आय प्राप्त होगी।
- जैविक खेती को बल: पशुओं के गोबर से खेतों के लिए उत्तम जैविक खाद उपलब्ध होगी।
- पलायन पर लगाम: गांवों में ही स्वरोजगार के अवसर पैदा होने से युवाओं का शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
पहले साल 9.78 करोड़ रुपये का बजट
योजना के इस विस्तारित स्वरूप से पहले ही साल में एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के कुल 2,128 पशुपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। 2,128 किसानों को योजना से जोड़ने के लिए राज्य सरकार पर लगभग 978.12 लाख रुपये (₹9.78 करोड़) का वित्तीय व्ययभार आएगा।
