
चमोली/बदरीनाथ। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह शनिवार को भगवान बदरीविशाल के दरबार में पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। दर्शन के बाद राज्यपाल ने बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और तीर्थयात्रियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
खबर की 3 अहम बातें:
- दर्शन और मुलाकात: राज्यपाल ने मंदिर में सूक्ष्म पूजा की और मुख्य पुजारी (रावल) अमरनाथ नंबूदरी से शिष्टाचार भेंट की।
- मास्टर प्लान का निरीक्षण: रिवर फ्रंट और मंदिर परिसर में चल रहे करोड़ों के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों से अपडेट लिया।
- लोकल फॉर वोकल: चारधाम आने वाले यात्रियों से अपील की कि वे वापसी में यात्रा की याद के तौर पर स्थानीय उत्पाद (Local Products) जरूर खरीदें।
प्रशासन और मंदिर समिति ने किया स्वागत
तय कार्यक्रम के तहत बदरीनाथ धाम पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिषेक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक (SP) सुरजीत सिंह पंवार ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद वे मंदिर पहुंचे, जहां बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने उनकी अगवानी की। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए राज्यपाल ने सूक्ष्म रूप से पूजा-अर्चना की।
मास्टर प्लान के कार्यों से जताई संतुष्टि
दर्शन के बाद राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मंदिर परिसर और रिवर फ्रंट के आसपास चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने धाम के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) से मुलाकात कर उनके सुझाव सुने और जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गति पर संतोष जताते हुए प्रशासन, स्थानीय लोगों और स्टेकहोल्डर्स के सहयोग की जमकर तारीफ की।
‘अनुशासन के साथ करें दर्शन’
राज्यपाल ने सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की पीठ थपथपाई। उन्होंने तीर्थयात्रियों के अनुशासन को भी अनुकरणीय बताया। राज्यपाल ने धाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि, “पूरी भक्ति और अनुशासन के साथ भगवान के दर्शन करें और दर्शन व्यवस्थाओं में प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, जब वापस लौटें तो यहां के स्थानीय उत्पादों को यात्रा की खूबसूरत याद के तौर पर अपने साथ जरूर लेकर जाएं।”
