रीप (REAP) परियोजना और आईओसीएल (IOCL) के बीच हुआ समझौता; देहरादून के डोईवाला से होगी पहले आउटलेट की शुरुआत, पर्यटकों को एक ही जगह मिलेगा ठेठ पहाड़ी स्वाद।
देहरादून:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की पारंपरिक संस्कृति, स्वाद और हस्तशिल्प को अब एक बड़ा और सुलभ बाजार मिलने जा रहा है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और रीप (REAP – ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना) की पहल पर ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा तैयार उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए ‘हिलांस आउटलेट’ योजना शुरू की जा रही है। इस अभिनव पहल के तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के पेट्रोल पंपों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।
यह योजना न केवल स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाएं लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थ, दालें, मसाले और हस्तशिल्प तैयार करती रही हैं, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इन उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने की थी। अक्सर यह उत्पाद स्थानीय मेलों या गांवों तक ही सीमित रह जाते थे।
इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक नया मॉडल तैयार किया है। पेट्रोल पंपों को आउटलेट के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यहाँ हर दिन स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के पर्यटक और चारधाम यात्री आते हैं। ऐसे में ये पेट्रोल पंप स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए सबसे उपयुक्त माध्यम साबित होंगे।
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य स्तर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और जिला प्रशासन के बीच एमओयू (MOU) साइन किया गया है। इसके तहत चयनित पेट्रोल पंपों पर ‘हिलांस आउटलेट’ खोले जाएंगे।
“पहले चरण में डोईवाला स्थित ‘फन एंड फूड किंगडम वाटर पार्क’ के समीप आईओसीएल पेट्रोल पंप पर प्रदेश का पहला ‘हिलांस आउटलेट’ खोला जाएगा। इसके सफल संचालन के बाद अन्य स्थानों पर भी इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा। यह मॉडल ग्रामीण उत्पादों के लिए स्थायी बाजार तैयार करने और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।”— सोनम गुप्ता, जिला परियोजना प्रबंधक (रीप)
इन हिलांस आउटलेट्स की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि यहाँ आने वाले यात्रियों को एक ही छत के नीचे उत्तराखंड की विविधता देखने को मिलेगी। इन आउटलेट्स पर:
इससे पर्यटकों को अपने साथ उत्तराखंड की स्मृतियों के रूप में विशुद्ध स्थानीय उत्पाद ले जाने का बेहतर अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं हमेशा से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही हैं। ‘हिलांस आउटलेट’ योजना उनके संघर्ष और आत्मनिर्भरता को एक नया आयाम देगी। यह पहल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में पहाड़ी महिलाओं के उत्पाद देश के कोने-कोने तक सुलभ हो सकेंगे।
चमोली जिला एवं सत्र न्यायालय से राहत के बाद पुरसाड़ी जेल से तीन निहंग रिहा;…
ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक लोकगीतों के बीच आयोजित हुआ ऐतिहासिक मेला; टिमरू की छाल…
अतिक्रमण और प्रदूषण की मार झेल रही ऐतिहासिक रिस्पना नदी के संरक्षण के लिए जिला…
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के आगामी सीजन के दस्तक देने की संभावनाओं को देखते हुए…
नैनीताल जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूले जाने की शिकायतों पर…
पौड़ी गढ़वाल (लैंसडाउन): पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नैनीडांडा विकासखंड के…