
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी देहरादून से लेकर पर्वतीय अंचलों तक आपदा जैसे हालात बने हुए हैं। सड़कों पर पानी के तेज बहाव और भूस्खलन की घटनाओं ने आम लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है।
आईटी पार्क और राजपुर रोड बने ‘तालाब’
देहरादून में भारी बारिश के कारण आईटी पार्क और राजपुर रोड की सड़कों का बुरा हाल है। आईटी पार्क में बरसाती गदेरा उफान पर होने के कारण सड़क के ऊपर से तेज बहाव में पानी बह रहा है। शहर के बिंदाल और रिस्पना नदी का जलस्तर भी अचानक बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
मालदेवता में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देहरादून जिले में औसतन 39.05 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक मार मालदेवता क्षेत्र ने झेली, जहाँ 103.5 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा हाथीबड़कला में 95 मिमी और कालसी में 45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी भूस्खलन के कारण मालदेवता-सिल्ला मोटर मार्ग रात भर बंद रहा, जिसे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद सोमवार सुबह बहाल कर दिया गया।
आपदा प्रबंधन सचिव का निर्देश: “24 घंटे अलर्ट मोड में रहें”
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- तैयारी: सभी जिलाधिकारियों को आपदा नियंत्रण कक्षों को 24×7 सक्रिय रखने को कहा गया है।
- संसाधन: लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और बीआरओ को संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी पहले से तैनात रखने के निर्देश हैं।
- निगरानी: नदियों, गाड़-गदेरों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सके।
प्रशासन की सख्त एडवाइजरी
देहरादून जिला प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से ‘अनावश्यक यात्रा’ न करने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाने की हिदायत दी गई है। पहाड़ों पर सफर करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलें।
अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग ने अभी राहत के आसार नहीं जताए हैं। दून घाटी और राज्य के पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने के लिए भी संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
