
रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर: उत्तराखंड में जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिए हैं। सोमवार सुबह जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मार्ग खोलने के कार्य में युद्धस्तर पर जुटी हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ में फंसा ओवरलोड ट्रक
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ के समीप सुबह भारी मलबा आने से आवाजाही ठप हो गई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मलबा हटाने के बाद सुबह 6:50 बजे यातायात आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं है। डंपिंग जोन के पास मलबे में एक ओवरलोड ट्रक के फंसने से आवाजाही में दिक्कत आ रही है। प्रशासन ने ट्रक को पहले खाली कराया है और उसे हटाने के लिए आरवीएनएल, खांकरा से अतिरिक्त मशीनें मंगवाई गई हैं ताकि मार्ग को पूरी तरह सुचारु किया जा सके।
केदारनाथ मार्ग पर भी संकट
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांसवाड़ा के पास भी सुबह करीब 6:10 बजे भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग बंद हो गया। सूचना मिलते ही विभाग ने मौके पर जेसीबी तैनात कर दी है। इसके अलावा, गौरीकुंड-सोनप्रयाग मार्ग पर शटल पार्किंग के आगे और किमी-74 पर भी मलबा आने से रास्ता अवरुद्ध है। यहाँ भी मशीनों के जरिए मलबा हटाने का काम जारी है।
प्रशासन की अपील: मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें
लगातार गिरते मलबे और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम के पूर्वानुमान और सड़कों की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी जरूर ले लें। साथ ही, असुरक्षित स्थानों पर रुकने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
चारधाम यात्रा के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि मशीनों को लगातार तैनात रखा गया है, लेकिन बारिश रुक-रुक कर होने के कारण काम में बाधा आ रही है।
