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उत्तराखंड में दो दिन की राहत के बाद फिर बढ़ेगी तपन: 25 मई से नौतपा शुरू, देहरादून-हरिद्वार समेत 5 जिलों में हीट वेव का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से तापमान में आई मामूली गिरावट से मिली राहत अब समाप्त होने जा रही है। प्रदेश में 25 मई से ‘नौतपा’ शुरू होने के साथ ही एक बार फिर भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) का दौर शुरू होने की आशंका है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राज्य के मैदानी इलाकों में तेज गर्मी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मई के अंत में प्री-मानसून की गतिविधियां राहत ला सकती हैं।

मुख्य बिंदु:

  • दो दिन राहत के बाद फिर बढ़ेगा पारा: पिछले दो दिनों में तापमान कम रहने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब तापमान फिर चढ़ेगा।
  • इन 5 जिलों में लू का अलर्ट: मौसम विभाग ने 26 और 27 मई को देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के मैदानी क्षेत्रों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है।
  • 29 मई से प्री-मानसून बौछारें: महीने के अंत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से आंधी-बारिश की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

नौतपा में क्यों बढ़ती है तपिश? जानिए इसका वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधार

इस वर्ष नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इसे लेकर ज्योतिषीय और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण महत्वपूर्ण हैं:

  1. वैज्ञानिक दृष्टिकोण: इस अवधि में सूर्य की स्थिति कर्क रेखा के ठीक ऊपर होती है, जिससे सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। सीधी किरणों के कारण वायुमंडल तेजी से गर्म होता है और मैदानी इलाकों में तपिश बढ़ जाती है।
  2. ज्योतिषीय दृष्टिकोण: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। रोहिणी को ठंडा नक्षत्र माना जाता है, और जब गर्म सूर्य इसमें प्रवेश करता है, तो तापमान में भारी बढ़ोतरी होती है।
  3. लोक मान्यता: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है और धूप खिलती है, मानसून के समय उतनी ही अच्छी बारिश होने की संभावना बनती है।

पश्चिमी विक्षोभ से पर्वतीय क्षेत्रों में हुई थी बारिश

हाल ही में जम्मू और उसके आसपास के क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हुआ था। इसके प्रभाव से 22 और 23 मई को पिथौरागढ़, बागेश्वर और गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई थी। इसी मौसमी गतिविधि के कारण पिछले दो दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान नियंत्रण में रहा था।

29 मई से मौसम लेगा करवट, आंधी-बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार, 29 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है।

  • पर्वतीय क्षेत्र: 29 से 31 मई के दौरान राज्य के पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
  • मैदानी क्षेत्र: 30 और 31 मई को मैदानी इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस मौसमी बदलाव से तापमान में एक बार फिर गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
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