
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। राजधानी देहरादून सहित कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने और आम लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के चार जिलों— नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और उधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जनपदों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है। मौसम की स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
भूस्खलन से सड़कें बाधित, उफान पर नदी-नाले
राज्यभर में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है:
- रास्ते बंद: पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते कई संपर्क मार्गों पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। कई सड़कों पर लैंडस्लाइड के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
- नदी-नाले उफान पर: लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले खतरे के निशान के करीब बह रहे हैं।
- आपदा प्रबंधन मुस्तैद: स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। सभी जिला प्रशासनों और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रहने को कहा गया है। विशेषकर नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने या अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अपील: बारिश के दौरान इन सावधानियों का रखें ध्यान
आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने भारी बारिश के दौरान नागरिकों से निम्नलिखित सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: भारी बारिश के दौरान बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
- घरों की सुरक्षा: तेज हवा और बारिश से बचाव के लिए घरों की खिड़कियां व दरवाजे ठीक से बंद रखें।
- बिजली से दूरी: आकाशीय बिजली चमकने के दौरान बिजली के उपकरणों को स्विच ऑफ रखें। टूटे हुए तारों, बिजली के खंभों और कमजोर पेड़ों के पास खड़े न हों।
- जलभराव से बचें: पानी भरे रास्तों या पुलों को पार करने की कोशिश न करें। अपने वाहन को धीमी गति और नियंत्रित रूप से चलाएं।
- नदियों-नालों से दूरी: निचले इलाकों, बरसाती नालों और उफनती नदियों के करीब बिल्कुल न जाएं।
- इमरजेंसी किट तैयार रखें: टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, पावर बैंक, पीने का पानी, सूखा राशन और जरूरी दवाइयों से युक्त एक इमरजेंसी किट तैयार रखें। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखें।
- हेल्पलाइन का उपयोग: किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें।
