लगातार बारिश के बावजूद जलस्तर घटने से हड़कंप; मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों की भी होगी जांच, पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले तैयारियां तेज।

बदरीनाथ धाम:
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही ‘बदरीश झील’ के अचानक सूखने के कगार पर पहुंचने से हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बावजूद झील का जलस्तर न बढ़ने और बड़ी मात्रा में गाद (सिल्ट) जमा होने के मामले का प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गंभीर संज्ञान लिया है।

सेटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा
हाल ही में बदरीनाथ धाम की सेटेलाइट तस्वीरों के अवलोकन में यह बात सामने आई कि बदरीश झील में पानी की मात्रा नाममात्र रह गई है और बड़ी मात्रा में गाद जमा हो गई है। मामला सामने आने के बाद पीएमओ ने उत्तराखंड शासन से इसका मुख्य कारण पूछा है और झील की तत्काल सफाई कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। पीएमओ के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है।
बनारस की विशेषज्ञ संस्था ने संभाला मोर्चा
पीएमओ के रुख को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बनारस की एक विशेषज्ञ संस्था के माध्यम से झील की सफाई का काम शुरू करवा दिया है। इसके साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि ‘बदरीनाथ मास्टर प्लान’ के तहत धाम में चल रहे बड़े पैमाने के निर्माण कार्यों के कारण झील के प्राकृतिक जलस्रोतों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ा है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि प्राकृतिक स्रोतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पानी कम होने की असली वजह सामने आ सकेगी।
पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले हलचल तेज
दरअसल, आगामी अक्तूबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बदरीनाथ धाम आगमन की चर्चाएं हैं। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने और मास्टर प्लान के कार्यों की गति बढ़ाने में जुटा हुआ है।
हालांकि, चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर फिलहाल प्रशासन को कोई आधिकारिक कार्यक्रम या शेड्यूल प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन धाम में चल रही विकास परियोजनाओं और व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
