मुख्य बिंदु (Highlights):
- सल्ट ब्लॉक में ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में सरकारी नीतियों पर जताई नाराजगी।
- ऑनलाइन हाजिरी को बताया अव्यवहारिक, नेटवर्क की समस्या से काम में आ रही बाधा।
- विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी पर प्रधानों ने खोला मोर्चा, पारदर्शी व्यवस्था की मांग।
- 21 जुलाई को अधिकारियों के साथ बैठक का ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन।
अल्मोड़ा/सल्ट। अल्मोड़ा के सल्ट ब्लॉक में विकास कार्यों और सरकारी फरमानों को लेकर ग्राम प्रधानों का गुस्सा फूट पड़ा है। ब्लॉक सभागार में आयोजित ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता और कथित कमीशनखोरी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि अव्यवहारिक नियमों को नहीं बदला गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
नेटवर्क के बिना कैसे हो ऑनलाइन हाजिरी?
संगठन के अध्यक्ष गिरीश चंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधानों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में ‘जी राम जी’ योजना और मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करना पूरी तरह से अव्यवहारिक है। प्रधानों का कहना है कि दूरस्थ गांवों में नेटवर्क न होने के कारण मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
विकास कार्यों में ‘कमीशनखोरी’ पर मचा बवाल
बैठक के दौरान विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्रधानों ने आरोप लगाया कि विभिन्न योजनाओं के तहत काम करने के लिए कमीशन की मांग की जा रही है, जो कि अत्यंत खेदजनक है। संगठन ने मांग की है कि कमीशनखोरी की इस व्यवस्था को तत्काल बंद कर पारदर्शी प्रणाली लागू की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
विरोध स्वरूप प्रधानों ने ब्लॉक प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 21 जुलाई को ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें ऑनलाइन हाजिरी, कमीशनखोरी और पंचायतों की अन्य लंबित समस्याओं पर विस्तृत चर्चा होगी। यदि प्रशासन ने समाधान नहीं निकाला, तो प्रधान संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद्र लखचौरा, बची राम इजराल, जितेंद्र खैरिया, महामंत्री विक्रम सिंह रावत, पूरन सिंह मनराल, अंकित रावत और पुष्पा रावत समेत कई ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
