UTTARAKHAND

स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त होगा बदरीनाथ धाम: खाली बोतल लौटाने पर श्रद्धालुओं को मिलेगा रिफंड, प्रशासन ने लागू की क्यूआर कोड प्रणाली

चमोली। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और यात्रा मार्ग को स्वच्छ, सुंदर और पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए चमोली जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में इस अभियान को ‘जनआंदोलन’ का रूप देने की रणनीति तैयार की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी सहित रिसाइकल कंपनी के प्रतिनिधि और वर्चुअल माध्यम से उपजिलाधिकारी व अधिशासी अधिकारी शामिल हुए।

खाली बोतल जमा करने पर मिलेंगे ₹10, डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू
इस वर्ष यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए एक अनूठी पहल की गई है। उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ, चन्द्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि जिला प्रशासन और रिसाइकल कंपनी के बीच एक औपचारिक अनुबंध किया गया है। इसके तहत प्लास्टिक की बोतलों पर क्यूआर कोड (QR Code) प्रणाली लागू की गई है।

गोविंदघाट, बदरीनाथ धाम और माणा क्षेत्र में ‘डिपॉजिट रिफंड काउंटर’ स्थापित किए गए हैं। तीर्थयात्री जब क्यूआर कोड युक्त खाली बोतल इन काउंटरों पर जमा करेंगे, तो उन्हें न्यूनतम 10 रुपये की धनराशि वापस मिलेगी। इसके लिए थोक विक्रेताओं, दुकानदारों और होटल संचालकों को क्यूआर कोड उपलब्ध करा दिए गए हैं।

चिप्स और मैगी के पैकेटों पर भी होगी क्यूआर कोडिंग
रिसाइकल कंपनी के प्रतिनिधि रोहित जोशी ने बैठक में जानकारी दी कि आने वाले समय में केवल बोतलों ही नहीं, बल्कि चिप्स, मैगी और अन्य प्लास्टिक पैकेटों पर भी क्यूआर कोड लगाने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए करीब 60 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही, धाम क्षेत्र में पिछले वर्ष संचालित 8 रिसाइक्लिंग सेंटरों की संख्या भी आवश्यकतानुसार बढ़ाई जाएगी।

जिलाधिकारी के निर्देश: व्यापक प्रचार और समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्देश दिए कि इस अभियान की सफलता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने रिसाइकल कंपनी को होटल, रेस्टोरेंट और दुकानदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए ताकि तीर्थयात्रियों को जागरूक किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य धाम की पवित्रता और पर्यावरण की सुरक्षा करना है।

आमजन से अपील: “स्वच्छ और हरित धाम” के संकल्प में दें साथ
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने आम नागरिकों और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि “प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें और उपयोग के बाद उसे निर्धारित काउंटरों पर ही जमा करें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही बदरीनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त और हरित धाम बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

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