
चमोली/रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। चमोली जिले में बारिश शुरू होते ही बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी हैं। पीपलकोटी के पास भनेरपानी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया है। मार्ग बाधित होने की वजह से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम और यात्रा से जुड़ी 3 बड़ी बातें (Key Highlights):
- बदरीनाथ हाईवे बाधित: पीपलकोटी के भनेरपानी में पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण यातायात पूरी तरह थमा।
- सेमलडाला मैदान में रोके गए वाहन: यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया; एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) की मशीनें मलबा हटाने में जुटीं।
- केदारनाथ यात्रा पर भी ब्रेक: रुद्रप्रयाग जिले में भी भारी बारिश के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित पड़ावों पर रोका गया।
सुरक्षा के मद्देनजर सेमलडाला में रोके गए वाहन
भनेरपानी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और पत्थरों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। यात्रा पर जा रहे वाहनों को आगे बढ़ने से रोककर सेमलडाला मैदान में ठहराया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की टीमें और मशीनें मौके पर पहुंच चुकी हैं। हाईवे से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से और मलबा गिरने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी लेने के बाद ही अपनी आगे की यात्रा की योजना बनाएं।
रुद्रप्रयाग में भी बारिश; केदारनाथ यात्रा अस्थाई रूप से रुकी
चमोली के साथ-साथ रुद्रप्रयाग जिले में भी लगातार बारिश हो रही है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर भी फिलहाल रोक लगा दी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। जिला प्रशासन इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश
रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी के निर्देशन में जारी आदेशों के तहत भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील जोनों और यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर तैनात अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
- मौसम सामान्य होने तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति न दी जाए।
- सुरक्षित होल्डिंग क्षेत्रों में रोके गए श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखी जाए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
