
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों और आम जनता की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।
खबर की 3 बड़ी बातें :
- निर्माणाधीन मार्ग पर रोक: भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अब कोई भी यात्री या स्थानीय नागरिक आवाजाही नहीं कर सकेगा।
- सुरक्षा को खतरा: मार्ग पर निर्माण कार्य चलने, बारिश होने और संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूस्खलन और पत्थर गिरने का भारी जोखिम बना हुआ था।
- यात्रा सुचारू रूप से जारी: गौरीकुंड-रामबाड़ा-लिनचोली-केदारनाथ मुख्य मार्ग से केदारनाथ यात्रा पहले की तरह बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
क्यों लिया गया प्रतिबंध का फैसला?
प्रशासन के अनुसार, इस वैकल्पिक पैदल मार्ग पर वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है, जिस वजह से यह मार्ग अभी चलने योग्य या सुरक्षित नहीं है। पहाड़ी क्षेत्र होने और बारिश के कारण यहाँ भूस्खलन (landslide) होने, पहाड़ी से पत्थर गिरने और ढलानों के खिसकने की गंभीर आशंका बनी रहती है।
इससे पहले कुछ यात्री जान जोखिम में डालकर इस निर्माणाधीन मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों, टेंट संचालकों और हितधारकों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए इस मार्ग को बंद करने की मांग की थी, जिसे देखते हुए डीएम ने यह आदेश जारी किया।
बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की होगी तैनाती
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और अधिशासी अभियंता डीडीएमए गुप्तकाशी को निर्देश दिए हैं कि इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए।
- प्रतिबंधित किए गए मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी।
- यात्रियों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
- पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी ताकि कोई भी यात्री गलती से या जानबूझकर इस जोखिम भरे मार्ग पर प्रवेश न करे।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। श्रद्धालु केदारनाथ धाम जाने के लिए केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत और सुरक्षित घोषित किए गए गौरीकुंड-रामबाड़ा-लिनचोली-केदारनाथ मार्ग का ही उपयोग करें।
