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‘न जलाओ, न छिपाओ, न बहाओ’: कूड़ा मुक्त देहरादून के लिए ‘सफाई मित्र’ ऐप लॉन्च, सीधे दर्ज होगी शिकायत

देहरादून:
राजधानी देहरादून की बदहाल सफाई व्यवस्था और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर ‘सिटीजन फोरम’ ने मोर्चा खोल दिया है। सिटीजन फोरम के संरक्षक अनूप नौटियाल और जगन मोहन मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया कि देहरादून के मेयर शहर की सफाई व्यवस्था की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। शहर को कूड़ा रहित बनाने के संकल्प के साथ देहरादून प्रेस क्लब में ‘सफाई मित्र’ (Safai Mitra) नामक एक नागरिक केंद्रित मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया गया।

‘न जलाओ, न छिपाओ, न बहाओ’ का नारा

फोरम के प्रतिनिधियों ने ‘न जलाओ, न छिपाओ, न बहाओ’ के स्लोगन के साथ दून को कूड़ा मुक्त बनाने का आह्वान किया। अनूप नौटियाल ने कहा कि दो साल पहले सिटीजन फोरम ने वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एक मिशन शुरू किया था, लेकिन सरकारी स्तर पर उदासीनता के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मेयर केवल उद्घाटनों में व्यस्त हैं, जबकि जमीन पर कूड़ा प्रबंधन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

मेयर और निगम को दिखाया ‘आईना’

मीडिया से रूबरू होते हुए अनूप नौटियाल ने कहा, “दून में कचरा फैला हुआ है, जबकि असल में यहाँ कचरा होना ही नहीं चाहिए। कचरा जलाने की परंपरा पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए। हम दून के 15 लाख लोगों के सम्मुख यह ऐप लॉन्च कर रहे हैं ताकि मेयर और नगर निगम को आईना दिखाया जा सके।” उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में ‘स्वच्छता पेट्रोलिंग’ कहीं नजर नहीं आ रही है और मेयर द्वारा किए गए वादे केवल कागजों तक सीमित हैं।

फोरम की प्रमुख मांगें:

  1. महिला डिप्टी मेयर की नियुक्ति: भाजपा संगठन पर्यावरण और सफाई व्यवस्था की सुध ले और देहरादून नगर निगम में एक महिला को डिप्टी मेयर बनाया जाए।
  2. मुख्यमंत्री की हस्तक्षेप की मांग: प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों की बैठक स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लें और सफाई नियमों को सख्त करें।
  3. नागरिक जागरूकता: फोरम ने कहा कि केवल संवाद से काम नहीं चलेगा, अब ठोस कार्रवाई और नागरिकों की जागरूकता जरूरी है।

क्या है ‘सफाई मित्र’ ऐप और कैसे करेगा काम?

प्रतिनिधियों ने बताया कि ‘सफाई मित्र’ मोबाइल एप्लीकेशन का उद्देश्य मौजूदा सिस्टम को बदलना नहीं, बल्कि उसमें जवाबदेही (Accountability) तय करना है।

  • यह ऐप नागरिकों को कचरा जमा होने, कचरा न उठने या कचरा जलाने जैसी समस्याओं की रिपोर्ट सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देगा।
  • इसका मुख्य लक्ष्य नागरिक सहभागिता को बढ़ाना है ताकि निगम प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से भाग न सके।

निराशा में डूबी दून की जनता

फोरम ने चिंता जताते हुए कहा कि पूर्व में ‘मेयर संवाद’ और कई आला अधिकारियों के साथ चर्चा के बावजूद धरातल पर परिणाम शून्य रहे हैं। बार-बार मिलने वाले आश्वासनों के बावजूद सुधार न दिखने से जनता में भारी निराशा है।

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