UTTARAKHAND

देहरादून: चारधाम यात्रा की तर्ज पर अब मसूरी में भी पर्यटकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, सीएम धामी बोले- सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी

देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध पर्यटन स्थली मसूरी में अब चारधाम यात्रा की तरह ही पर्यटकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला “पहाड़ों की रानी” में लगातार बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक की समस्या को नियंत्रित करने तथा पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कदम को पर्यटकों की बेहतर व्यवस्था और सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है।

1 अगस्त 2025 से यह नई व्यवस्था लागू हो गई है, जिसके तहत मसूरी आने वाले सभी पर्यटकों को पर्यटन विभाग के पोर्टल registrationtouristcare.uk.gov.in पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया आधार कार्ड पर आधारित है, जिसमें पर्यटकों को अपनी यात्रा की तिथि और ठहरने की व्यवस्था जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

यह निर्णय मुख्य रूप से मसूरी की वहन क्षमता (Carrying Capacity) के आकलन और प्रबंधन के लिए लिया गया है। पर्यटन सीजन, खासकर लंबे वीकेंड और छुट्टियों के दौरान, मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे कई बार अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी मसूरी में बढ़ती भीड़ पर चिंता जताते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: पर्यटकों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर आधार कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
  • होटलों की भागीदारी: मसूरी के सभी होटलों, गेस्ट हाउस और होमस्टे संचालकों को भी इस पोर्टल पर पंजीकरण करने और अपने मेहमानों की जानकारी अपडेट करने के लिए कहा गया है।
  • रियल-टाइम डेटा: इस व्यवस्था से मसूरी में मौजूद पर्यटकों की संख्या का रियल-टाइम डेटा मिल सकेगा, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
  • नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे: शहर के प्रवेश द्वारों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहनों की निगरानी करेंगे।

पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल ने बताया कि शुरुआती चरण में इस व्यवस्था को लचीला रखा जाएगा, लेकिन इससे अगले साल पीक सीजन के दौरान व्यवस्था बनाने में काफी मदद मिलेगी।सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल मसूरी में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव प्रदान किया जा सकेगा। इस योजना की सफलता के बाद इसे नैनीताल जैसे अन्य भीड़ वाले पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने की योजना है।

Tv10 India

Recent Posts

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

12 hours ago

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन को गति देने के लिए हर जिले में होंगी प्रवासी पंचायतें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…

13 hours ago

सीएम धामी का बड़ा ऐलान: देहरादून के ’13 गांव’ में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…

17 hours ago

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का आयोजन; टिहरी और चमोली में प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…

18 hours ago

हाईकोर्ट शिफ्टिंग विवाद: नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर पर सुनवाई पूरी, खंडपीठ ने सुरक्षित रखा फैसला

नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…

19 hours ago

IIT रुड़की और GB पंत संस्थान की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन से कोसी नदी पर गहराया खतरा, तेजी से गिरेगा भूजल

रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…

2 days ago