मुख्य बिंदु एक नज़र में:
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पहली बार राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित ‘दून बुक फेस्टिवल-2026’ का रंगारंग आगाज हुआ। देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में 4 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस 9 दिवसीय पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रकाशकों के स्टालों का निरीक्षण किया और साहित्य प्रेमियों को संबोधित किया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत क्षेत्रीय भाषाओं को दिया गया महत्व रहा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा में प्रकाशित 26 नई पुस्तकों का विमोचन किया। सीएम ने कहा कि अपनी मातृभाषा में साहित्य का प्रकाशन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए साहित्यकारों और कलाकारों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह महोत्सव केवल पुस्तकों का मेला नहीं, बल्कि ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का एक जीवंत मंच है।”
मेले के दौरान ‘लेखक से मिलिए’, पुस्तक परिचर्चा और विभिन्न संवाद सत्रों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। सीएम ने विशेष रूप से बच्चों के लिए बनाए गए ‘चिल्ड्रेन पवेलियन’ की सराहना की और कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन के प्रति रुचि जागृत होगी।
राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सदैव ज्ञान और सृजन की भूमि रही है। उन्होंने बताया कि:
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि लोग शुभ अवसरों पर उपहार के रूप में पुस्तकों और पौधों को देने की परंपरा विकसित करें। इससे न केवल समाज में ज्ञान का प्रसार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।
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