रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब महज 18 दिन शेष हैं। आगामी 22 अप्रैल को होने वाले इस महापर्व के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पैदल मार्ग से बर्फ हटाने के बाद अब घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो गई है, जिससे धाम में पुनर्निर्माण कार्यों और रसद आपूर्ति को गति मिली है।
इस वर्ष बाबा केदार की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने तकनीक का बड़ा सहारा लिया है।
पुलिस दूरसंचार की टीम उपनिरीक्षक कपिल नैथानी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम पहुंच चुकी है। टीम ने भीषण बर्फबारी के बीच रुद्राप्वाइंट पर वायरलेस सेट स्थापित कर जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क जोड़ दिया है। आपात स्थिति के लिए सैटेलाइट फोन के जरिए ‘डेल्टा कम्युनिकेशन’ भी शुरू कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों को 30 स्थिर और 100 हैंडहेल्ड वायरलेस सेट दिए गए हैं।
डीडीएमए (DDMA) के मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाकर रास्ता साफ कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) निहारिका तोमर ने रुद्रप्रयाग से चमोली सीमा तक बदरीनाथ हाईवे का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से कमेड़ा स्लाइडिंग जोन का जायजा लिया, जहाँ 2022 में हाईवे वॉशआउट हो गया था। एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में यातायात किसी भी हाल में बाधित न हो। साथ ही घोलतीर चौकी के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाएं बेहतर करने के आदेश दिए।
बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) की टीम विनीत पोस्ती के नेतृत्व में धाम पहुंच चुकी है। टीम मंदिर प्रांगण और आसपास जमा भारी बर्फ को हटाने के साथ ही बिजली और पानी की लाइनों को दुरुस्त करने में जुट गई है।
महत्वपूर्ण तिथियां:
“यात्रा को लेकर सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं। लोनिवि पैदल रास्ते को दुरूस्त कर रहा है। यदि मौसम साफ रहा तो 15 अप्रैल तक सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएंगी।”— विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…
गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…
टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…
नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…
रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…