नई दिल्ली: चंद्रपुरम पोन्नुसामी (सी.पी.) राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई।
इस महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री व राज्यपाल उपस्थित थे।
समारोह का एक विशेष आकर्षण पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उपस्थिति थी।स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को अपने पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद यह पहला मौका था जब धनखड़ किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए।वह पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और हामिद अंसारी के साथ बैठे हुए देखे गए।
67 वर्षीय राधाकृष्णन, जो तमिलनाडु के एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में गहरी जड़ें रखते हैं, ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया।इस चुनाव में राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए।
शपथ ग्रहण के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सी.पी. राधाकृष्णन को एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राधाकृष्णन एक समर्पित लोक सेवक हैं और उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र-निर्माण, समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया है।
शपथ लेने के उपरांत, नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ‘सदैव अटल’ पर भी श्रद्धांजलि दी।
राधाकृष्णन इससे पहले महाराष्ट्र और झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। वह दो बार कोयंबटूर से लोकसभा के लिए भी चुने गए थे।
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