देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात हुई विनाशकारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 10 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है और 8 अन्य अभी भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कई इलाके प्रभावित, बड़े पैमाने पर नुकसान
सोमवार रात की मूसलाधार बारिश के कारण सहस्रधारा, मालदेवता, रायपुर और मसूरी जैसे इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई घर, दुकानें और होटल क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पूरी तरह बह गए। आसन नदी में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के बह जाने से 13 लोग लापता हो गए थे, जिनमें से 5 के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, भूस्खलन के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग और देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर और देवभूमि कॉलेज को भी नुकसान पहुंचा है, जहां से छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सरकार और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
आपदा की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली है और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। सरकार की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश करना और प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुंचाना है।
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…
गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…
टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…
नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…
रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…