DELHI

दिल्ली की हवा में सुधार के लिए चौतरफा प्रयास, सामूहिक कदमों से जगी उम्मीद की किरण

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के साथ ही सरकार और विभिन्न एजेंसियां प्रदूषण से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गई हैं। एक ओर जहां मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर इस साल वायु गुणवत्ता में पिछले वर्ष की तुलना में समग्र सुधार भी दर्ज किया गया है। यह सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक कदमों का ही नतीजा है कि प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है।

सकारात्मक संकेत और सरकारी प्रयास

इस साल 1 जनवरी से 9 नवंबर, 2025 के बीच दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 175 दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के 189 के औसत से बेहतर है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में भी क्रमशः 35.2% और 65.3% की उल्लेखनीय कमी आई है, जो दिल्ली की हवा को साफ रखने में एक बड़ा सकारात्मक कदम है।

प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत, गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चारपहिया वाहनों के चलने पर भी रोक लगाई गई है।

प्रौद्योगिकी और दीर्घकालिक समाधान पर जोर

सरकार केवल तात्कालिक उपायों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक समाधानों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है:

  • इलेक्ट्रिक वाहन: दिल्ली में 2000 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो चुका है और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।
  • तकनीकी हस्तक्षेप: प्रदूषण से निपटने के लिए 376 एंटी-स्मॉग गन, 266 वॉटर स्प्रिंकलर और 91 मैकेनिकल रोड स्वीपर तैनात किए गए हैं। साथ ही, क्लाउड सीडिंग जैसी नई तकनीकों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
  • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा: सरकार झुग्गी-झोपड़ियों में प्रदूषणकारी खाना पकाने के तरीकों को खत्म करने के लिए उज्ज्वला योजना का विस्तार कर रही है, जिसके तहत एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।
  • हरियाली बढ़ाना: बड़े पैमाने पर वनीकरण परियोजनाओं, वर्टिकल गार्डन और ग्रीन रूफटॉप के माध्यम से शहरी हरियाली को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक भागीदारी

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, कारपूलिंग और कचरे का सही निपटान जैसे कदम वायु प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सरकार ने निजी कंपनियों को भी वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी है ताकि वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके।

हालांकि दिल्ली के लिए वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार द्वारा उठाए जा रहे कड़े कदम, प्रौद्योगिकी का उपयोग और नागरिकों के सहयोग से इस समस्या पर काबू पाने की एक मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई देती है।

Tv10 India

Recent Posts

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: मदरसा बोर्ड खत्म, नया प्राधिकरण गठित

देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म होगा, सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित कर…

10 hours ago

सीएम की समीक्षा बैठक के बाद बड़ा फैसला, निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग तेज होगी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू के…

10 hours ago

Mussoorie: प्रसिद्ध यात्रा लेखक पद्मश्री ह्यू गैंटज़र का निधन

मसूरी। प्रसिद्ध यात्रा लेखक और पद्मश्री सम्मानित ह्यू गैंटज़र का मंगलवार को 94 वर्ष की…

10 hours ago

रेल बजट में उत्तराखंड को बड़ी राहत: 4,769 करोड़ रुपये से रफ्तार पकड़ेंगी परियोजनाएं

देहरादून: रेल बजट से उत्तराखंड को इस साल 4,769 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग समेत…

1 day ago

Union Budget 2026: सीएम धामी ने केंद्रीय बजट को बताया ‘विकसित भारत’ का आधार

देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27…

3 days ago

मनरेगा से बेहतर वीबी जी रामजी योजना बेहतर, कांग्रेस का राम नाम का विरोध पुराना: रेखा

नानकमत्ता में वीबीजी रामजी योजना पर जिला सम्मेलन का आयोजनटीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्कनानकमत्ता। कैबिनेट…

3 days ago