खास बातें:
रामनगर. विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में इन दिनों पर्यटकों का उत्साह अपने चरम पर है। गर्मियों की छुट्टियों के चलते देशभर से सैलानी उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। अगर आप भी जंगल सफारी और टाइगर दर्शन का रोमांच महसूस करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए आखिरी मौका हो सकता है। दरअसल, कॉर्बेट का सबसे लोकप्रिय और विश्व विख्यात ‘ढिकाला पर्यटन जोन’ 15 जून से मानसून के कारण बंद होने जा रहा है। बंद होने से पहले यहां सफारी और नाइट स्टे (रात में रुकने) का पीक टाइम चल रहा है।
गर्मी में बढ़ जाती है टाइगर साइटिंग की संभावना
मई और जून का महीना वाइल्डलाइफ व्यूइंग (वन्यजीवों को देखने) के लिहाज से सबसे बेहतरीन माना जाता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर डॉ. साकेत बडोला बताते हैं, “इस समय जंगल में सूखा और गर्मी होती है। ऐसे में टाइगर, हाथी, हिरण, सांभर, लेपर्ड और भालू जैसे वन्यजीव पानी की तलाश में जल स्रोतों के आसपास आ जाते हैं।” यही वजह है कि इन दिनों पर्यटकों को सफारी के दौरान आसानी से टाइगर और अन्य जानवरों के दीदार हो रहे हैं।
रामगंगा नदी बनी आकर्षण का केंद्र
ढिकाला जोन अपने विशाल घास के मैदानों (ग्रासलैंड), घने जंगल और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। वन्यजीव प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। ढिकाला के पास से बहने वाली रामगंगा नदी में मगरमच्छ, घड़ियाल और ऊदबिलाव जैसे जलीय जीव भी पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। सुबह-शाम नदी किनारे जानवरों के झुंड देखना पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव बन रहा है।
सुरक्षा के लिहाज से 5 महीने बंद रहता है जंगल
वन विभाग के अनुसार, हर साल मानसून शुरू होने से पहले 15 जून को ढिकाला जोन पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है। बारिश के दौरान जंगल के कच्चे रास्ते, नदी-नाले और संवेदनशील मार्ग पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे हो जाते हैं। मानसून समाप्त होने के बाद इसे दोबारा 15 नवंबर को खोला जाता है।
नाइट स्टे के लिए मची होड़, बुकिंग चल रही फुल
वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल बताते हैं कि महानगरों की गर्मी से राहत पाने के लिए मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से हजारों सैलानी यहां आ रहे हैं। नैनीताल और अल्मोड़ा घूमने के बाद पर्यटक कॉर्बेट जरूर पहुंचते हैं।
ढिकाला में नाइट स्टे करना पर्यटकों के लिए बेहद खास है, लेकिन यहां आवास व्यवस्था सीमित है। मुख्य ढिकाला कैंप में लगभग 20 कमरे हैं। इसके अलावा सुल्तान में 2, गैरल में 6, खिनानौली में 3 और सर्पदुली रेंज में 2 कमरे हैं। पर्यटकों के लिए 20 बेड की एक डॉरमेट्री भी है। बढ़ती मांग के चलते इन दिनों रिसॉर्ट, होटल और सफारी की एडवांस ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह से फुल चल रही है।
अगर आप भी कॉर्बेट के रोमांच का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो 15 जून से पहले का यह समय आपके लिए एक ‘सुनहरा मौका’ है।
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