खास बातें:
नई दिल्ली. सीमा पार पनप रहे आतंकवाद पर भारत की अब तक की सबसे बड़ी और सटीक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को आज एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और संकल्प को नमन किया। सम्मान के तौर पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई कैबिनेट मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदल ली है। नई तस्वीर में भारतीय तिरंगे के साथ केसरिया रंग की ज्वाला दिखाई दे रही है, जो सेना के “संकल्प और बलिदान” का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे बलों ने बेजोड़ साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।”
क्या था ऑपरेशन सिंदूर और कैसे लिया गया पहलगाम का बदला?
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इसका बदला लेने के लिए ठीक एक साल पहले, 6-7 मई की दरमियानी रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया।
इनसाइड स्टोरी: दुश्मन ने भेजे थे ‘डमी ड्रोन’, भारत ने S-400 से दिया चकमा
ऑपरेशन में शामिल रहे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (रिटायर्ड) ने बताया कि उन 4 दिनों के संघर्ष में पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। इनमें से ज्यादातर ड्रोन ‘डमी’ थे, जिनका मकसद सिर्फ भारत के महंगे हथियार और गोला-बारूद बर्बाद करना था।
भारतीय वायुसेना ने आसमान की सुरक्षा के लिए ‘S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ और ‘आकाश मिसाइल’ का बेहद आक्रामक इस्तेमाल किया। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत ने S-400 की जगह बार-बार बदली और दुश्मन को धोखा देने के लिए इसके ‘नकली रूपों’ (Decoys) का इस्तेमाल किया। सेना की भाषा में इसे ‘छलावरण और छल’ (CCD) कहा जाता है।
हालांकि, एयर कमोडोर त्रिपाठी ने आगाह किया है कि भविष्य में दुश्मन और भी खतरनाक ड्रोन (बिना GPS वाले और स्वार्म तकनीक से लैस) भेज सकता है, जिसके लिए भारत को अपनी एंटी-ड्रोन तकनीक को लगातार बढ़ाना होगा।
परमाणु धमकी को दरकिनार कर बदला भारत का ‘डिफेंस एटीट्यूड’
इस ऑपरेशन ने साबित कर दिया कि भारत अब पाकिस्तान की खोखली परमाणु धमकियों से डरने वाला नहीं है। सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह (रिटायर्ड) का कहना है कि यह ऑपरेशन इस बात का सबूत है कि भारत अब ‘स्ट्रैटेजिक रिस्ट्रेंट’ (रणनीतिक संयम) की नीति छोड़ चुका है और ‘स्ट्रैटेजिक एक्टिवनेस’ (रणनीतिक सक्रियता) की ओर बढ़ गया है।
ऑपरेशन के बाद 1 साल में हुए ये 5 बड़े रक्षा सौदे, जो बढ़ाएंगे भारत की ताकत:
ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेते हुए भारत सरकार ने अपनी युद्धक तैयारियों को अभेद्य बनाने के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है:
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया, बल्कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण (खासकर AI और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में) की रफ्तार को भी कई गुना बढ़ा दिया है।
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