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ईपीएफओ देहरादून की ‘संवेदना’ सेल बनी नजीर: अब पूरे जोन में लागू होगा मॉडल, मृत्यु दावों का होगा त्वरित निपटान

देहरादून। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (दिल्ली एवं उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख) श्री अजय के. मेहरा ने संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने विशेष रूप से देहरादून कार्यालय द्वारा शुरू की गई ‘संवेदना’ (SAMVEDNA) सेल की जमकर सराहना की।
क्या है ‘संवेदना’ सेल की खासियत?
अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि ‘संवेदना’ सेल मृत्यु दावों के त्वरित और संवेदनशील निपटान के लिए एक एकल संपर्क बिंदु (Single Point of Contact) के रूप में काम कर रही है। अब इस प्रभावी व्यवस्था को पूरे जोन में लागू किया जाएगा ताकि लाभार्थियों को परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान और 7,74,377 सदस्य जुड़े हैं।
PMVBRY योजना से बढ़ेगा रोजगार
श्री मेहरा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन आधारित योजना (PMVBRY) पर चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए गेम चेंजर साबित होगी। ₹99,446 करोड़ के बजट वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है। विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर प्रभावी होगी।
आंशिक निकासी के नियमों में बड़ी राहत
ईपीएफओ ने सदस्यों की ‘ईज ऑफ लिविंग’ को ध्यान में रखते हुए नियमों को सरल बनाया है:
सरलीकरण: 13 जटिल प्रावधानों को हटाकर तीन श्रेणियों (आवश्यकता, आवास और विशेष परिस्थिति) में बांटा गया है।
अधिक निकासी: शिक्षा के लिए अब 10 बार और विवाह के लिए 5 बार निकासी संभव है (पहले कुल 3 बार की सीमा थी)।
अवधि: न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर मात्र 12 महीने कर दिया गया है।
नियम: सदस्य के कुल अंशदान का 25% भाग न्यूनतम शेष के रूप में बनाए रखना होगा, ताकि भविष्य में सेवानिवृत्ति का बड़ा कोष सुरक्षित रहे।
डिजिटल ईको-सिस्टम पर जोर
सीआईआई-टीईएस (CITES) मॉड्यूल के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड और पारदर्शी होगी, जिससे दावों के निपटान में लगने वाला समय कम हो जाएगा। इस अवसर पर वेल्हम बॉयज़ स्कूल, देहरादून के वर्षों से लंबित EDLI Exemption प्रकरण का निस्तारण करते हुए प्रिंसिपल सुश्री संगीता कैन को ऑर्डर सौंपा गया।
इस मौके पर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I वी.वी.बी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II उदित साह व मोहम्मद जैद और सहायक भविष्य निधि आयुक्त संतोष कुमार व राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।

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