पिथौरागढ़: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। सीमांत जनपद पिथौरागढ़, विशेष रूप से धारचूला और उससे लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे भूस्खलन (landslides) के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाला मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के करीब 50 से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय धारचूला से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
भारी बारिश और पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने के कारण सीमांत इलाकों में भय का माहौल है। तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग कई स्थानों पर लैंडस्लाइड के चलते बंद हो गया है। इसके अलावा तवाघाट-सोबला-तिदांग सीमा मार्ग पर भी चार से पांच स्थानों पर भारी मलबा आने से चीन सीमा की ओर जाने वाली कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है।
इस भूस्खलन की वजह से आदि कैलाश यात्रा पर निकले श्रद्धालु भी रास्ते में फंस गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दारमा और व्यास घाटी की ओर जाने वाले कई वाहनों को तवाघाट क्षेत्र में ही रोक दिया है।
बारिश का कहर केवल राष्ट्रीय और सीमांत राजमार्गों तक सीमित नहीं रहा। धारचूला तहसील के अंतर्गत घटखोला से सीनियाखोला को जोड़ने वाला एक पैदल पुल नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 13 मार्ग बंद पड़े हैं। इनमें मुख्य मार्ग निम्नलिखित हैं:
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत आने वाले देवीबगड़-खेतकन्याला गधेरी मार्ग का एक हिस्सा भी पहले हुए वॉशआउट के बाद से बंद पड़ा है, जिससे दूरस्थ गांवों के लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
सीमांत जनपद में बिगड़े हालातों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग की टीमें भारी मशीनों (जेसीबी और पोकलैंड) के साथ बंद रास्तों को खोलने में जुटी हुई हैं। शनिवार दोपहर तक अधिकांश बंद मार्गों को खोलने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई संवेदनशील स्थानों पर लगातार गिरते पत्थरों और मलबे के कारण काम में बाधा आ रही है।
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों में क्षेत्र में और भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके कारण राहत कार्यों में अधिक समय लग सकता है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से बिना किसी आवश्यक कार्य के यात्रा न करने और संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
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