हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर हरिद्वार पहुंचे करीब 76 लाख श्रद्धालुओं की विदाई के बाद शहर के सामने स्वच्छता बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती थी। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु घाटों, बाजारों और गलियों में करीब 200 टन अतिरिक्त कूड़ा छोड़ गए। इस भारी कचरे से निपटने के लिए हरिद्वार नगर निगम की टीम ने रातभर युद्धस्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। लगभग 90 ट्रैक्टर ट्रॉली कूड़ा उठाकर आज सुबह 4 बजे तक हरकी पैड़ी समेत सभी प्रमुख घाटों और मार्गों को पूरी तरह साफ कर दिया गया।
सामान्य दिनों में हरिद्वार नगर निगम के 60 वार्डों से रोजाना औसतन 250 से 300 टन कचरा निकलता है, जिसे सराय स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट भेजा जाता है। लेकिन सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के कारण शहर पर अचानक 200 टन अतिरिक्त कूड़े का दबाव आ गया। स्नान समाप्त होने के बाद जैसे ही पुलिस प्रशासन से स्वच्छता वाहनों की आवाजाही की अनुमति मिली, नगर निगम की स्वच्छता टीम रात 9 बजे से ही काम पर लग गई।
सफाई अभियान के तहत विष्णुघाट, अलकनंदा घाट, सुभाष घाट, नई घाट और मालवीय घाट सहित सभी प्रमुख स्नान स्थलों से तेजी से कचरा हटाया गया। सफाई कर्मियों ने बिना रुके पूरी रात काम किया। सुबह होने से पहले लगभग 90 ट्रैक्टर ट्रॉली कूड़ा भरकर सराय स्थित निस्तारण प्लांट भेजा गया, ताकि सुबह उठने वाले स्थानीय निवासियों और बचे हुए यात्रियों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके।
सफाई कार्य की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त (IAS) नंदन कुमार खुद रात 2 बजे घाटों पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने सफाई अभियान की प्रगति देखी और रातभर मुस्तैद सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा और सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल सहित पूरी टीम मैदान में डटी रही।
सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने बताया कि मुख्य नगर आयुक्त के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत समय सीमा के भीतर प्रमुख घाटों और मार्गों की सफाई पूरी कर ली गई। उन्होंने बताया कि जिन आंतरिक गलियों या संपर्क मार्गों पर रात को काम नहीं हो पाया था, वहां आज दिन में भी लगातार सफाई अभियान चलाकर कूड़ा उठाया जा रहा है। जल्द ही पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा।
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