नैनीताल: खानपुर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. लक्सर कोतवाली में उनके खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका को उनके वकील ने वापस ले लिया है. नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसके दौरान कोई आदेश पारित होने से पहले ही याचिकाकर्ता की ओर से इसे वापस ले लिया गया.
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने फोन पर पीड़ित के साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. पीड़ित पक्ष की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि इस घटना से संबंधित एक ऑडियो और वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई है. इस कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव के माध्यम से साक्ष्य के तौर पर न्यायालय के समक्ष पेश करने की इच्छा जताई गई.
पीड़ित पक्ष ने न्यायालय में दलील दी कि पूर्व विधायक के खिलाफ पहले से ही 16 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट द्वारा कोई भी प्रतिकूल आदेश पारित किए जाने से पहले ही अपनी याचिका को वापस लेने का निर्णय लिया.
दूसरी ओर, याचिकाकर्ता प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है. उनके वकील का कहना था कि उन्हें इस मामले में राजनीतिक या व्यक्तिगत द्वेष के चलते झूठा फंसाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि चैंपियन की ओर से किसी भी तरह के जातिसूचक शब्दों का उपयोग नहीं किया गया है और जो ऑडियो या वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है, वह उनका नहीं है.
यह विवाद हरिद्वार जिले के बहादराबाद क्षेत्र के शांतरशाह निवासी जोगेंद्र कुमार की शिकायत के बाद शुरू हुआ था. शिकायतकर्ता के अनुसार, बीती 22 जून को वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ एक शादी समारोह से वापस लौट रहे थे. इसी दौरान जेके टायर फैक्ट्री के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी कार को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी. बाद में उन्हें पता चला कि वह वाहन पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का था.
तहरीर के अनुसार, अगले दिन शिकायतकर्ता के बहनोई के पास कोतवाली से फोन आया, जिसके बाद एक परिचित के मोबाइल के जरिए उनकी बातचीत पूर्व विधायक से हुई. आरोप है कि इस फोन कॉल के दौरान पूर्व विधायक ने उनके साथ गाली-गलौज की, जातिसूचक अपशब्द कहे और जान से मारने के साथ-साथ परिवार की महिलाओं को प्रताड़ित करने की धमकी भी दी.
इस घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर लक्सर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था. इस कार्रवाई से बचने के लिए पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट की शरण ली थी. हालांकि, याचिका वापस लिए जाने के बाद अब उन पर पुलिस की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है.
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