भारतीय क्रिकेट टीम ने एक और ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया और 2000 के फाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार का बदला भी पूरा किया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 251 रन बनाए, जिसके जवाब में भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित शर्मा और शुभमन गिल की जोड़ी ने तेज शुरुआत दिलाई। पहले 10 ओवर में ही बिना कोई विकेट गंवाए स्कोर 64 रन तक पहुंच गया। जहां एक ओर रोहित आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे, वहीं गिल संभलकर खेल रहे थे। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की, जिसमें रोहित ने 76 रन और गिल ने 31 रन बनाए।
शुभमन गिल को मिचेल सैंटनर ने पवेलियन भेजा, जिसके बाद विराट कोहली क्रीज पर आए, लेकिन माइकल ब्रेसवेल की गेंद पर केवल 1 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन रचिन रवींद्र की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में 76 रन पर स्टंप आउट हो गए। भारतीय टीम का स्कोर 122/3 हो गया और मैच में कीवी टीम की वापसी हो गई।
तीन झटकों के बाद श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल ने पारी को संभालते हुए चौथे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी की। श्रेयस अय्यर 48 रन बनाकर आउट हुए, जबकि अक्षर पटेल 29 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
अंत में केएल राहुल ने धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की और 34 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने हार्दिक पांड्या के साथ स्कोर को आगे बढ़ाया, लेकिन जब भारत को 11 रन की जरूरत थी, तब हार्दिक 18 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने 49वें ओवर में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने संयम दिखाया। डेरिल मिचेल ने 63 रन और माइकल ब्रेसवेल ने नाबाद 53 रन की पारी खेली, जिससे न्यूजीलैंड 251 रन तक पहुंच पाया।
भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच में न्यूजीलैंड को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
भारत ने इससे पहले 2002 (श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता) और 2013 (इंग्लैंड के खिलाफ जीत) में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इस बार रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने 25 साल पुराने फाइनल की हार का बदला पूरा करते हुए तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया।
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