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नागकेसर से राहु-केतु और शनि होंगे शांत, शिव के प्रिय नागकेसर के बारे में ज्योतिष से आयुर्वेद तक ने बताया लाभ

नई दिल्ली: ज्योतिष और आयुर्वेद दोनों में नागकेसर के फूल का विशेष महत्व बताया गया है। यह न केवल भगवान शिव का प्रिय पुष्प है, बल्कि इसमें कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नागकेसर के कुछ आसान उपाय करने से कुंडली में मौजूद राहु-केतु और शनि जैसे ग्रहों के दोषों को शांत किया जा सकता है। वहीं, आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य के लिए एक चमत्कारी जड़ी-बूटी माना गया है।

ज्योतिष में नागकेसर का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में नागकेसर को घर में सुख-शांति और धन-वैभव लाने वाला माना गया है। इसके कुछ विशेष उपाय करके ग्रहों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाई जा सकती है और जीवन के दुखों को दूर किया जा सकता है।

  • राहु-केतु और शनि दोष से मुक्ति: ज्योतिष के अनुसार, राहु-केतु और शनि के दोषों को दूर करने के लिए नागकेसर का प्रयोग बहुत प्रभावी हो सकता है। शनिवार के दिन एक साफ लाल कपड़े में ताजे नागकेसर के फूल बांधकर पीपल के पेड़ के नीचे रखने और दीपक जलाने से शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है और इन ग्रहों के दोषों से राहत मिल सकती है।
  • धन-धान्य की प्राप्ति: आर्थिक तंगी से परेशान लोगों के लिए नागकेसर का उपाय लाभकारी हो सकता है। एक सफेद कपड़े में नागकेसर के ताजे फूल, हल्दी की गांठ और गोमती चक्र बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
  • सुख-शांति के लिए: घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाने और सुख-शांति बनाए रखने के लिए सुबह स्नान के बाद नागकेसर के ताजे फूल और उसके बीज घर के मंदिर में रखने चाहिए। इन फूलों को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए।
  • बुध और गुरु ग्रह को करें मजबूत: यदि कुंडली में बुध और गुरु ग्रह कमजोर हैं, तो चांदी की एक छोटी डिबिया में नागकेसर भरकर लॉकेट की तरह गले में धारण करने से लाभ मिल सकता है।

भगवान शिव को प्रिय है नागकेसर

नागकेसर का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है।सावन के महीने में या सोमवार के दिन शिवलिंग पर नागकेसर के फूल बेलपत्र के साथ अर्पित करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।

आयुर्वेद में नागकेसर के लाभ

आयुर्वेद में नागकेसर को एक गुणकारी औषधि माना गया है। इसके विभिन्न भागों का उपयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।

  • पाचन में सुधार: नागकेसर में पाचन को सुधारने वाले गुण होते हैं।
  • त्वचा के लिए फायदेमंद: नागकेसर के तेल का उपयोग त्वचा की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। इसमें एंटीसेप्टिक और घाव भरने वाले गुण भी होते हैं।
  • दर्द और सूजन में राहत: इसमें दर्द और सूजन को कम करने वाले गुण भी पाए जाते हैं।
  • सर्दी-खांसी और बुखार में लाभकारी: नागकेसर सर्दी-खांसी में राहत पहुंचाता है और बुखार को कम करने में भी मदद करता है।
  • अन्य लाभ: इसके अलावा, नागकेसर का उपयोग बवासीर, दस्त और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद माना जाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि Tv10india किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं की जाती है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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