UTTARAKHAND

उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: बिजली उत्पादन पर नहीं लगा सकते टैक्स; कोर्ट ने कहा- यह केंद्र का अधिकार

नैनीताल | उत्तराखंड की जल विद्युत परियोजनाओं (Hydro Projects) से टैक्स वसूलने की कोशिश कर रही राज्य सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि राज्य सरकार ‘बिजली उत्पादन’ (Generation of Electricity) पर टैक्स नहीं लगा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राज्य का विषय नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

खबर की बड़ी बातें:

  • फैसला: ‘उत्तराखंड जल विद्युत उत्पादन पर जल कर अधिनियम 2012’ को राज्य के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।
  • विवाद: सरकार ने 2 से 10 पैसे प्रति यूनिट टैक्स लगाया था।
  • प्रभाव: एनएचपीसी (NHPC), टीएचडीसी (THDC) और जेपीवीएल (JPVL) जैसी बड़ी कंपनियों को राहत।
  • आधार: कोर्ट ने माना कि बिजली उत्पादन पर टैक्स लगाने का हक सिर्फ केंद्र को है।

क्या है पूरा मामला? (2012 से शुरू हुआ विवाद)

उत्तराखंड बनने के बाद सरकार ने नदियों पर जल विद्युत परियोजनाएं लगाने के लिए कई कंपनियों को आमंत्रित किया था। तब समझौता हुआ था कि कंपनियां राज्य को 12 फीसदी बिजली मुफ्त देंगी। लेकिन 2012 में सरकार ने एक नया कानून (Uttarakhand Water Tax on Electricity Generation Act 2012) बनाया और कंपनियों पर उनकी क्षमता के अनुसार 2 से 10 पैसा प्रति यूनिट ‘वाटर टैक्स’ लगा दिया।

दो जजों की अलग-अलग राय के बाद तीसरी बेंच का फैसला

इस मामले में कानूनी लड़ाई काफी लंबी रही:

  1. शुरुआत: कंपनियों ने हाईकोर्ट में टैक्स को चुनौती दी। पहले एकलपीठ ने सरकार के हक में फैसला सुनाया था।
  2. विवाद: जब मामला खंडपीठ (Double Bench) में गया, तो पूर्व मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी ने अलग-अलग राय दी।
  3. समाधान: राय में अंतर होने के कारण मामले को तीसरी बेंच (न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ) को रिफर किया गया। सोमवार (27 अप्रैल) को इसी बेंच ने टैक्स को असंवैधानिक करार देते हुए कंपनियों के हक में निर्णय दिया।

इन दिग्गज कंपनियों ने दी थी चुनौती

राज्य सरकार के इस टैक्स के खिलाफ अलकनंदा पावर प्रोजेक्ट, टीएचडीसी, एनएचपीसी, स्वाति पावर प्रोजेक्ट, भिलंगना हाइड्रो पावर और जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JPVL) जैसी कंपनियों ने मोर्चा खोला था।

सरकार का तर्क हुआ फेल

इससे पहले सरकार ने दलील दी थी कि यह टैक्स पानी के इस्तेमाल पर नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन पर है और यह संवैधानिक है। हालांकि, ताजा फैसले में कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और इसे केंद्र सरकार का विषय करार दिया।

Tv10 India

Recent Posts

वैशाख पूर्णिमा 2026: 1 मई को सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दान का महत्व

धर्म-कर्म | हिंदू पंचांग में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। साल 2026 में वैशाख पूर्णिमा…

1 hour ago

उत्तराखंड में गैस संकट का नया पेंच: गोदामों में सिलेंडर भरे, पर घर पहुंचाने वाला कोई नहीं; GMVN-KMVN का डिलीवरी सिस्टम फेल

देहरादून | उत्तराखंड में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत अब सप्लाई की कमी की वजह से…

2 hours ago

Major Setback for Uttarakhand Govt: High Court Quashes Tax on Electricity Generation; Rules it a Central Subject

Nainital: In a significant legal blow to the Uttarakhand government, the Nainital High Court has ruled…

2 hours ago

हाईकोर्ट से भीमावाला स्टोन क्रशर को बड़ी राहत: संचालन पर लगी अंतरिम रोक हटाई; प्रदूषण बोर्ड ने दी क्लीन चिट

नैनीताल | उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विकासनगर के भीमावाला स्थित 'साईं कृपा स्टोन क्रशर' को बड़ी राहत…

3 hours ago

नैनीताल में भीषण हादसा: अनियंत्रित होकर खाई में समाई मैक्स, उड़े परखच्चे; 2 की मौत, 4 की हालत नाजुक

नैनीताल | उत्तराखंड के नैनीताल जिले के धारी विकासखंड से एक दर्दनाक खबर सामने आई है।…

4 hours ago

देहरादून: भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड में बिजली का बड़ा संकट, मांग पूरी करने के लिए केंद्र से मांगी 150 MW बिजली

देहरादून। भीषण गर्मी और लू के चलते उत्तराखंड में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच…

9 hours ago