UTTARAKHAND

उत्तराखंड में गैस संकट का नया पेंच: गोदामों में सिलेंडर भरे, पर घर पहुंचाने वाला कोई नहीं; GMVN-KMVN का डिलीवरी सिस्टम फेल

देहरादून | उत्तराखंड में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत अब सप्लाई की कमी की वजह से नहीं, बल्कि सिस्टम की सुस्ती के कारण हो रही है। प्रदेश के कई इलाकों में उपभोक्ताओं को गैस के लिए भटकना पड़ रहा है क्योंकि गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के पास सिलेंडरों की डिलीवरी के लिए पर्याप्त संसाधन और गाड़ियां ही नहीं हैं।

खबर की बड़ी बातें:

  • दिक्कत: सप्लाई सामान्य है, लेकिन डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर होने से घर नहीं पहुंच रहे सिलेंडर।
  • बड़ी वजह: चारधाम यात्रा के कारण गैस की डिमांड बढ़ी, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा।
  • राहत: कनेक्टिविटी की समस्या देखते हुए 30 अप्रैल तक DAC (डिलीवरी कोड) की अनिवार्यता खत्म।
  • एक्शन: सीएम धामी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात कर मुद्दा उठाया।

गोदाम में गैस है, पर घर तक पहुंचाने का रास्ता नहीं

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के मुताबिक, प्रदेश में इंडेन गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है। असली समस्या डिलीवरी नेटवर्क की है। राज्य के दुर्गम इलाकों में गैस सप्लाई का जिम्मा GMVN और KMVN की एजेंसियों पर है।

  • GMVN: 33 एजेंसियां
  • KMVN: 49 एजेंसियां
    इन एजेंसियों के पास पर्याप्त कर्मचारी और वाहन नहीं हैं, जिससे बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं।

चारधाम यात्रा ने बढ़ाया दबाव

वर्तमान में चारधाम यात्रा के चलते प्रदेश में बाहरी लोगों और होटलों में गैस की मांग बढ़ गई है। इंडेन गैस राज्य की 70% आबादी को कवर करती है। मांग बढ़ते ही निगमों की व्यवस्थागत कमियां खुलकर सामने आ गई हैं।

पहाड़ों में ‘नेटवर्क’ बना बाधा, 30 अप्रैल तक छूट

पर्वतीय क्षेत्रों में सिलेंडर डिलीवरी के समय ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) प्राप्त करना बड़ी चुनौती है क्योंकि वहां मोबाइल नेटवर्क नहीं रहता। इसे देखते हुए इंडियन ऑयल ने फिलहाल 30 अप्रैल तक बिना कोड के भी गैस वितरण की छूट दी है।

गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम की एजेंसियों पर राज्य में गैस सिलेंडर सर्विस काफी हद तक निर्भर करती है. लेकिन यह देखा गया है कि इनके पास डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त नहीं है. जिसके लिए दोनों ही निगमों के प्रबंध निदेशकों से इसमें सुधार करने के लिए कहा गया है.
स्वर्ण सिंह, डिविजनल एलपीजी सेल्स हेड, इंडेन आयल कारपोरेशन लिमिटेड

गैस आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मांग की है कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सप्लाई और वितरण व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।


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