ब्रज मंडल में होली का खुमार पूरे 40 दिनों तक रहता है। बसंत पंचमी से शुरू होने वाले इस रंगोत्सव का समापन चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी यानी ‘रंग पंचमी’ के दिन होता है। इस साल रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की होली का मनमोहक दृश्य देखने के लिए सभी देवी-देवता धरती पर आए थे और उन्होंने पुष्प वर्षा की थी। इसी के प्रतीक स्वरूप रंग पंचमी के दिन हवा में गुलाल उड़ाया जाता है। आइए जानते हैं रंग पंचमी की सही तिथि, पूजा विधि और देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के अचूक उपाय।
रंग पंचमी 2026: तिथि और मुहूर्त
कैसे करें राधा-कृष्ण की पूजा? (पूजा विधि)
रंग पंचमी के उपाय: मनोकामना पूर्ति के लिए किस देवता को चढ़ाएं कौन-सा रंग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर देवी-देवता का एक प्रिय रंग होता है जो उनकी ऊर्जा का प्रतीक है। रंग पंचमी पर देवताओं को उनके प्रिय रंग का गुलाल अर्पित करने से मनोकामनाएं जल्द पूरी होती हैं:
रंग पंचमी का महत्व
ऐसी मान्यता है की रंग पंचमी के दिन ही राधा रानी और भगवान कृष्ण ने होली खेली थी। वहीं, इस अद्भुत होली को देखने के लिए सभी देवी-देवता धरती पर आए थे। यही कारण है की रंग पंचमी का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। मथुरा-वृंदावन के कुछ मंदिरों में रंग पंचमी के साथ ही होली के उत्सव का समापन होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. tv10india इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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