Categories: Business

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का बजट पर बयान – टैक्स रिलीफ का प्रभाव

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का बजट को लेकर आया ये बयान, टैक्स रिलीफ पर जानें क्या कहा बीते 1 फरवरी को बजट 2025-26 में 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री करने की वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणा खूब सुर्खियों में रही। भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी शुक्रवार को केंद्रीय बजट की सराहना की और इसे उत्कृष्ट बताया। उन्होंने मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा के मौके पर कहा कि यह बजट आर्थिक विकास के साथ-साथ महंगाई को कम करने के मुख्य मकसद में भी मदद करेगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, दिसंबर में आरबीआई के गवर्नर का पद संभालने वाले मल्होत्रा ने यह भी कहा कि उपभोग को बढ़ावा देने के लिए मध्यम वर्ग को दी गई 1 लाख करोड़ रुपये की टैक्स राहत का महंगाई पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

राजकोषीय घाटे को 4.4 प्रतिशत पर कम कर दिया खबर के मुताबिक, मल्होत्रा ने 0.25 प्रतिशत रेपो दर में कटौती की घोषणा करने के बाद कहा कि यह पांच वर्षों में आरबीआई द्वारा किया गया पहला ऐसा कदम है। गवर्नर ने कहा कि सरकार ने राजकोषीय घाटे को 4.4 प्रतिशत पर कम कर दिया है, जो पहले घोषित राजकोषीय ग्लाइड पथ के तहत 4.5 प्रतिशत से बेहतर है। मल्होत्रा ने कहा कि समर्पित कार्यक्रमों के माध्यम से सब्जियों, फलों और दालों पर प्रस्तावों से मध्यम से लंबी अवधि में मुद्रास्फीति को कम करने में मदद मिलेगी।

खाद्य पदार्थों की कीमतों की महंगाई में हिस्सेदारी उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति का लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा खाद्य पदार्थों की कीमतों का है। मल्होत्रा ने कहा कि सब्जियों की कीमत का सीपीआई में 6 प्रतिशत भार है, जबकि फलों का 2.5 प्रतिशत और दालों का 2.9 प्रतिशत है। बजट में उन वस्तुओं को लक्षित किया गया है जिनका सीपीआई में 11 प्रतिशत से अधिक भार है। बजट में घोषित 1 लाख करोड़ रुपये की कर राहत के मुद्रास्फीतिकारी प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर, मल्होत्रा ने कहा कि इसका मुद्रास्फीति पर कोई ऊपर की ओर प्रभाव नहीं पड़ेगा और कहा कि बढ़ी हुई खपत की पूर्ति के लिए पर्याप्त उत्पादन क्षमता है।

बजट प्रावधानों सहित सभी कारकों पर विचार किया गया मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा करते समय बजट प्रावधानों सहित सभी कारकों पर विचार किया। इससे पहले, मल्होत्रा ने वित्तीय स्थिरता संबंधी चिंताओं के कारण जरूरी नियम बनाते समय विनियमन की लागत को ध्यान में रखने की बात कही थी। यह भी कहा कि आरबीआई आंतरिक रूप से आर्थिक पूंजी ढांचे की समीक्षा कर रहा है, जो सरकार को हस्तांतरित किए जा सकने वाले अधिशेष की ऊपरी सीमा निर्धारित करता है।

Tv10 India

Recent Posts

कुंभ-2027 की तैयारी: हरिद्वार में अब ‘हेलीपैड’ वाला बनेगा नया कंट्रोल रूम, सुखी नदी पर बनेंगे दो आधुनिक पुल

हरिद्वार। हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।…

5 hours ago

कुंभ-2027: हरिद्वार में 50.27 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, सीएम धामी ने दिए निर्माण में तेजी के निर्देश

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के समग्र विकास और आगामी कुंभ मेला-2027 की…

5 hours ago

उत्तराखंड: चीन सीमा की ‘नीती घाटी’ में गूँजेगी धावकों की पदचाप, पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय ‘नीती एक्ट्रीम अल्ट्रा रन’

जोशीमठ: उत्तराखंड का पर्यटन विभाग राज्य के सीमांत क्षेत्रों को साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) के…

5 hours ago

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: बारिश से दरके पहाड़, बदरीनाथ-गंगोत्री समेत कई हाईवे बंद

सार : तीन दिन की बर्फबारी के बाद हालांकि आज धूप खिली है, लेकिन रास्ते…

24 hours ago

उत्तराखंड के 5 जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में ‘डेंजर लेवल-3’, प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश

राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। उत्तरकाशी,…

1 day ago

धामी का ‘मिशन 2027’: मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही साफ हुआ भाजपा का चेहरा, चुनाव से पहले भरी कैबिनेट

देहरादून। चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड की धामी सरकार का मंत्रिमंडल पूरी…

1 day ago