ऋषिकेश/देहरादून। पहले से ही चिकित्सकों की कमी का सामना कर रहे राजकीय उपजिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं आठ विशेषज्ञ डॉक्टरों के एकमुश्त तबादले से प्रभावित होने की आशंका है। शासन स्तर से हुए इन तबादलों में हालांकि अधिकांश पदों पर नए डॉक्टरों की तैनाती की गई है, लेकिन फिजिशियन, आर्थोपेडिक सर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ जैसे तीन अति महत्वपूर्ण विभागों में किसी भी प्रतिस्थानी (रिप्लेसमेंट) की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते अस्पताल में गंभीर मरीजों के उपचार पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।
“अस्पताल की सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और यहां आने वाले मरीजों की संख्या भी ज्यादा है। डॉक्टरों का तबादला करना ठीक है, लेकिन उनके स्थान पर तुरंत नए डॉक्टरों की तैनाती न करना जनहित के खिलाफ है। शासन को खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए।”– भुवनेश्वर प्रसाद भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता
“अस्पताल के आठ विशेषज्ञ डॉक्टरों का तबादला दूसरे जनपदों में हुआ है। अधिकांश विभागों में प्रतिस्थानी आ गए हैं, लेकिन फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ के स्थान पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित में अवगत करा दिया गया है।”– डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस (CMS)
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