चमोली:
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और डॉक्टरों की कमी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा चिकित्सा संगठनों का आक्रोश चरम पर है। सिमली स्थित महिला बेस अस्पताल (उप जिला चिकित्सालय) में बुनियादी सुविधाओं और डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग को लेकर ग्राम प्रधानों ने जोरदार आक्रोश रैली निकाली। पिछले नौ दिनों से चल रहे सत्याग्रह का कोई समाधान न निकलने के बाद अब आंदोलनकारियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आयुष डॉक्टरों ने भी कल सोमवार, 15 जून से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
सिमली स्थित उप जिला महिला बेस अस्पताल की पांच सूत्रीय समस्याओं को लेकर प्रधान संगठन चमोली के अध्यक्ष उमेश खंडूड़ी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को जिले के ग्राम प्रधानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इस संबंध में स्थानीय महिला ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली।
खरसांई की ग्राम प्रधान शिवानी, सिरण की लीला देवी, चौकी की राखी देवी और सिदोली की ग्राम प्रधान सरस्वती देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल का नाम ‘महिला बेस चिकित्सालय’ होने के बावजूद यहाँ महिलाओं के लिए कोई विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में महिला डॉक्टर तक की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग जनता की बुनियादी मांगों को लेकर लगातार अड़ियल रवैया अपनाए हुए है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पंकज लडोला ने बताया कि अस्पताल में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ (पेडियाट्रिशियन), महिला रोग विशेषज्ञ (गाइनेकोलॉजिस्ट) और लैब टेक्नीशियन के न होने से क्षेत्र की जनता को इलाज के लिए अन्यत्र जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रधान संघ के अध्यक्ष उमेश खंडूड़ी ने कहा कि नौ दिनों तक चले शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन के बाद भी शासन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी। किसी भी प्रकार का समाधान न होने के कारण अब उन्हें आमरण अनशन शुरू करने पर विवश होना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शासन-प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान का आधिकारिक शासनादेश (GO) जारी नहीं किया जाता, तब तक अनशन समाप्त नहीं होगा।
चमोली जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक अन्य समस्या आयुष विभाग से आ रही है। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ चमोली ने सरकार के उदासीन रवैये पर गहरी निराशा व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि आयुष डॉक्टर लंबे समय से अपनी सात सूत्रीय न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार उनकी अनदेखी कर रही है।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगें:
राजकीय आयुर्वेदिक एवं चिकित्सा सेवा संघ चमोली के मीडिया प्रभारी डॉ. मनीष खंडूड़ी ने बताया कि प्रांतीय संगठन के निर्देशानुसार, कल सोमवार 15 जून से प्रदेशभर के समस्त आयुष चिकित्सक देहरादून स्थित निदेशालय परिसर में एकत्र होंगे और आंदोलन के अगले निर्णायक चरण की शुरुआत करेंगे। चिकित्सकों का कहना है कि बार-बार बातचीत और संवाद के बावजूद शासन द्वारा कोई ठोस निर्णय न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसके कारण वे आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं।
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