तमिलनाडु: देश में कई ऐसे मंदिर हैं जो न सिर्फ लोगों की आस्था बल्कि अपनी भव्य इमारत और उसे जुड़े बड़े रहस्यों के लिए जाने जाते हैं. एक ऐसा ही मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में स्थित है, जिसे देखकर लोग दांतों तले अंगुलियां दबाने के लिए मजबूर हो जाते हैं. देवों के देव महोदव को समर्पित इस मंदिर के भीतर हर चीज अपने आप में अनोखी है. यह विश्व का पहला ऐसा मंदिर है जो ग्रेनाइट पत्थरों से बनाया गया है. बगैर नींव वाले इस विशाल मंदिर को पत्थर के उपर पत्थर रखकर सात साल में तैयार किया गया था। इस मंदिर को बनाने में तेरह हजार टन ग्रेनाइट पत्थर का इस्तेमाल हुआ था, जबकि यह इस क्षेत्र के आस-पास कहीं नहीं पाया जाता है. तेरह मंजिल ऊंचे इस मंदिर की ऊंचाई छियासठ मीटर है और यह सोलह फीट ऊंचे ठोस चबूतरे पर बना हुआ है. मन्दिर के भीतर बारह फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है. जिनके दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से यहां पर पहुंचते हैं. एक ही पत्थर को तराशकर बीस हजार किलो वजनी नंदी की विशाल प्रतिमा भी यहां स्थापित है . मान्यता है कि यह भारत में दूसरी सबसे बड़ी नंदी की प्रतिमा है.
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