देहरादून: उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। प्रदेश में इस साल बिजली की दरों (Tariff) में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने ऊर्जा निगमों द्वारा प्रस्तावित बिजली दर बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य (विधि) अनुराग शर्मा और सदस्य (तकनीकी) प्रभात किशोर डिमरी ने टैरिफ को लेकर यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
बता दें कि ऊर्जा से जुड़ी तीन प्रमुख कंपनियों—UPCL (यूपीसीएल), UJVNL (यूजेवीएनएल) और PTCUL (पिटकुल) ने मिलकर नियामक आयोग से बिजली दरों में 18.50 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि, आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और पुरानी दरों को ही बरकरार रखा है।
नियामक आयोग ने बिजली की दरों में बदलाव न करने के साथ-साथ कुछ उपभोक्ता श्रेणियों में रियायतों की घोषणा भी की है:
बिजली के व्यावसायिक घाटे को कम करने के लिए आयोग ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यूपीसीएल को आदेश दिया है कि वह एक विशेष समिति का गठन करे। यह समिति प्रदेश के उन 10 सबसे ज्यादा लाइन लॉस (बिजली हानि) वाले फीडरों की पहचान करेगी और उन्हें ठीक करने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी।
निष्कर्ष: राज्य सरकार और नियामक आयोग के इस फैसले से प्रदेश के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
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