देहरादून। शहरी विकास विभाग इन दिनों एक अजीबोगरीब और हैरान करने वाले फैसले को लेकर चर्चाओं में है। विभाग के भीतर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक हलकों में शुचिता और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला विभाग के कर्मचारी एक कर्मचारी से जुड़ा है, जिन पर विभागीय गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर आरोप थे, लेकिन अब उन पर अचानक ‘मेहरबान’ हुई व्यवस्था ने हर किसी को चौंका दिया है।
पूर्व निदेशक ने की थी सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, एक कर्मचारी पर विभाग की बेहद गोपनीय और संवेदनशील जानकारियों को बाहर लीक करने का आरोप लगा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पूर्व निदेशक ने कड़ा रुख अपनाया था। अनुशासनहीनता और गोपनीयता भंग करने के इन गंभीर आरोपों के आधार पर कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से उनके काम से हटा दिया गया था। पूर्व निदेशक की इस सख्त कार्रवाई से विभाग में यह संदेश गया था कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अचानक बहाली से अधिकारी और कर्मचारी हैरान
लेकिन, हाल ही में हुए एक औचक घटनाक्रम ने सबको हैरत में डाल दिया है। जिस कर्मचारी को गोपनीयता से खिलवाड़ करने के आरोप में हटाया गया था, उसे बिना किसी ठोस स्पष्टीकरण या जांच क्लीनचिट के अचानक फिर से वही पुरानी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई है। विभाग पर एकाएक बरसी इस ‘विशेष कृपा’ से जहां वरिष्ठ अधिकारी असमंजस में हैं, वहीं ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारी भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। गलियारों में दबी जुबान में चर्चा है कि आखिर इस ‘यू-टर्न’ के पीछे कौन सा रसूख काम कर रहा है?
कुर्सी मिलते ही फिर दिखने लगा ‘पुराना रौब’
चर्चाएं सिर्फ बहाली तक ही सीमित नहीं हैं। जिम्मेदारी वापस मिलते ही उस कर्मचारी के तेवर भी बदल गए हैं। विभाग के सूत्रों की मानें तो उन्होंने दफ्तर में फिर से अपना पुराना रौब गालिब करना शुरू कर दिया है। साथी कर्मचारियों और अधीनस्थों के साथ उनका व्यवहार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
मामले में चुप्पी साधे हुए हैं अधिकारी
सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी विभागों में गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर मामलों को इतनी आसानी से रफा-दफा किया जा सकता है? अगर ऐसे दागी कर्मचारियों को दोबारा मलाईदार कुर्सियां सौंपी जाएंगी, तो प्रशासनिक ईमानदारी और गोपनीयता की गारंटी कौन लेगा?
फिलहाल, इस पूरे मामले पर विभाग के उच्च अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने सुलग रही यह चिंगारी जल्द ही किसी बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
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