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Jageshwar Dham:जागेश्वर धाम में भक्तों का सैलाब, प्रबंधन में कमी के चलते पर्यटकों को झेलनी पड़ रही दैनिक यातायात की समस्या

जागेश्वर धाम में वाहनों की संख्या और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के कारण यातायात और पार्किंग सुविधाओं को लेकर समस्याएं उत्पन्न हुई हैं. इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी देखी गई है, जिसके कारण शारीरिक दिक्कत से ग्रसित लोगों को इलाज के लिए कम से कम सात किमी दूर जाना पड़ता है.

अल्मोड़ा:जागेश्वर धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, इन दिनों औसतन पांच हजार तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, ऐसे में जो इंतजाम हैं वे नाकाफी साबित हो रहे हैं। पार्किंग की क्षमता से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं। करीब हर दिन आरतोला से जागेश्वर तक तीन किमी दायरे में जाम लग रहा है। अगर स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो अगर किसी को शारीरिक दिक्कत हो जाए उसे इलाज के लिए कम से कम सात किमी दूर ही इलाज मिल सकेगा। उसके लिए भी 16 किमी दूर से 108 एंबुलेंस पहुंचेगी।

यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए, 18 मई से जागेश्वर धाम में शटल सेवा शुरू की जा रही है. इसके अलावा, आरतोला तक रोडवेज की बस सेवा उपलब्ध होगी. यह सुविधाएं श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए बेहतर हो सकती हैं

जागेश्वर धाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध है यहां अब भी यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। पहाड़ों में आवाजाही का सुगम साधन रोडवेज बस के भी धाम तक संचालन के प्रयास नहीं हुए। नैनीताल से सिर्फ एक केमू बस का संचालन धाम होते हुए हल्द्वानी तक हो रहा है जो पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए नाकाफी है।

सामान्य दिनों में एक हजार तक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, पर इन दिनों संख्या औसतन करीब पांच हजार तक पहुंच गई है। काफी लोग अपने वाहनों से पहुंचते हैं, जागेश्वर में वाहन पार्किंग की क्षमता 80 है, जबकि वाहन चार सौ तक पहुंच रहे हैं। इससे सड़क पर वाहन खड़े होते हैं, इससे आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। करीब हर दिन आरतोला से जागेश्वर तक तीन किमी दायरे में जाम लग रहा है।

चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खासा ध्यान रखा जाता है। पर जहां जागेश्वर में प्रतिदिन औसतन पांच हजार तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, वहां पर छोटी शारीरिक दिक्कत होने पर ही कई किमी तक कोई उपचार नहीं मिल पाएगा। यहां से सात किमी दूर पीएचसी पनुवानौला या फिर 18 किमी दूर पीएचसी बाड़ेछीना का विकल्प है। मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए उन्हें तीन किमी दूर आरतोला का सफर तय करना पड़ रहा है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी 16 किमी दूर सीएचसी धौलादेवी से 108 एंबुलेंस बुलानी पड़ रही है। स्थानीय अस्पतालों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा न होने से बीमार पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ 50 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचना ही एकमात्र विकल्प है।

जागेश्वर धाम में सावन में अस्थायी अस्पताल संचालित होता है। पर्यटक सीजन में अब तक अस्थाई अस्पताल संचालित नहीं हुआ है। मास्टर प्लान के तहत यहां पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव है। धाम में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। -विनीत तोमर, डीएम, अल्मोड़ा।

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