(देहरादून): देवभूमि उत्तराखंड अपनी पवित्र चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ अब पर्यावरण अनुकूल पर्यटन यानी ‘इको-टूरिज्म’ (Eco-Tourism) के क्षेत्र में भी एक नई और सशक्त पहचान बना रहा है। हाल के वर्षों में प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रशासनिक प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। 14 जून 2026 (रविवार) को देहरादून चिड़ियाघर और प्रसिद्ध लच्छीवाला नेचर पार्क में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि लोग प्रकृति के करीब समय बिताना पसंद कर रहे हैं।
इको-टूरिज्म के प्रति बढ़ते आकर्षण के चलते देहरादून चिड़ियाघर पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। बीते कुछ वर्षों में यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या और इससे मिलने वाले राजस्व में लगातार निरंतर और उत्साहजनक वृद्धि दर्ज की गई है:
चिड़ियाघर के साथ-साथ देहरादून का मनोरम लच्छीवाला नेचर पार्क भी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख वीकेंड डेस्टिनेशन बन चुका है। गर्मियों के इस मौसम में 14 जून 2026 को यहाँ भी एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया:
मुख्य वन संरक्षक (CCF, इको-टूरिज्म) पीके पात्रो के अनुसार, इको-टूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों की यह बढ़ती संख्या राज्य की आर्थिकी और पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है। हालांकि, विभाग इस बात के लिए भी पूरी तरह सतर्क है कि इस पर्यटन का पर्यावरण पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
विभाग का मुख्य ध्यान अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ इन स्थलों पर:
इको-टूरिज्म का यह सफल मॉडल केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। वन विभाग की योजना इसका विस्तार उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों—जैसे नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी में करने की है।
विभिन्न वन विश्राम गृहों (Forest Rest Houses) को बुनियादी और प्राकृतिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में सैलानियों को अनूठा अनुभव मिले। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के रूप में मिलेगा, जिससे पहाड़ों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया और दीर्घकालिक संबल प्राप्त होगा।
भीड़ का दबाव: सोमवती अमावस्या पर हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर करीब 76 लाख श्रद्धालुओं…
(हरिद्वार): सोमवती अमावस्या के पावन स्नान पर्व के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धा और आस्था…
देहरादून: भारत सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को…
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भारत के सीमांत गांव माणा और बदरीनाथ धाम के…
बदरीनाथ: बदरीनाथ क्षेत्र के रक्षक माने जाने वाले भगवान घंटाकर्ण मंदिर के कपाट सोमवार को…
नैनीताल: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम के स्थापना दिवस पर देश-विदेश से बाबा…