देहरादून: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने प्रदेश के पर्यटन उद्योग और किसानों को बड़ी राहत देते हुए बिजली बिलों के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आयोग के इस फैसले से विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के होटल और रेस्त्रां मालिकों को ऑफ सीजन में आर्थिक मजबूती मिलेगी।
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने बताया कि अब ऑफ सीजन (1 नवंबर से 31 मार्च) के दौरान यदि कोई होटल या रेस्त्रां अपने स्वीकृत कुल लोड के मुकाबले 10 प्रतिशत या उससे कम बिजली का उपयोग करता है, तो उसे पूरे लोड के बजाय वास्तविक खपत वाले कम लोड के हिसाब से ही ‘फिक्स चार्ज’ देना होगा।
नियम की मुख्य बातें:
नियामक आयोग ने कृषि कार्यों में लगे उन किसानों को भी राहत दी है जो निजी ट्यूबवेल का इस्तेमाल करते हैं।
आयोग का यह फैसला पूरे प्रदेश में एक साथ लागू कर दिया गया है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से उत्तराखंड के मुख्य आधार—पर्यटन और कृषि—को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के होटल संचालकों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि सर्दियों में पर्यटकों की संख्या कम होने के बावजूद उन्हें भारी फिक्स चार्ज चुकाना पड़ता था।
देहरादून: उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी खबर है। उत्तराखंड विद्युत…
देहरादून: राजधानी देहरादून में पिछले कुछ दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
देहरादून: उत्तराखंड के शहरी उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ और बढ़ने वाला है। यदि आपके घर…
मिशन 2027: नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेसियों को दिया एकजुटता का मंत्र, भाजपा सरकार की विफलताओं…
रुद्रपुर: राजकीय मेडिकल कॉलेज में टीकाकरण शिविर का आयोजन, 142 जायरीनों ने लगवाया टीकाटीवी 10…
मुख्य बिंदु: राहत: आम जनता के लिए बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे। प्रस्ताव: निगमों ने 18.50% इजाफा…