कोटद्वार/देहरादून: जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में देश की रक्षा करते हुए उत्तराखंड के एक और वीर सपूत ने अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया है।कोटद्वार (गढ़वाल) के लालपुर गांव निवासी 25 वर्षीय राइफलमैन सूरज सिंह नेगी सीमा पर हुई गोलीबारी में वीरगति को प्राप्त हो गए।शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में मातम पसर गया है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, सूरज सिंह नेगी भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट में तैनात थे और वर्तमान में उनकी तैनाती 14 राष्ट्रीय राइफल्स में थी। शुक्रवार को बारामूला सेक्टर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ या क्रॉस फायरिंग के दौरान गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में वीरगति को प्राप्त हुए। सूरज सिंह वर्ष 2021 में सेना में भर्ती हुए थे और बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे।
शहीद सूरज दो भाइयों में सबसे छोटे और अविवाहित थे। उनके पिता का नाम प्रेम सिंह नेगी और बड़े भाई का नाम पंकज नेगी है।परिजनों ने बताया कि वह सितंबर माह में ही छुट्टी बिताकर वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी बटालियन का स्थानांतरण रुड़की होना था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।
शहीद के बलिदान की सूचना से उनके माता-पिता और भाई-बहनों समेत सभी परिजन गहरे सदमे में हैं।लालपुर के वार्ड-19 के पार्षद नेत्र मोहन असवाल ने बताया कि गांव ने अपना एक होनहार बेटा खो दिया है।
आज कोटद्वार पहुंचेगा पार्थिव शरीर
परिजनों के अनुसार, शहीद जवान का पार्थिव शरीर आज सेना के वाहन से कोटद्वार स्थित कौड़िया कैंप पहुंचेगा।इसके बाद अंतिम दर्शनों के लिए पार्थिव देह को उनके लालपुर स्थित आवास पर ले जाया जाएगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की जाएगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सूरज सिंह नेगी की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “कोटद्वार के वीर पुत्र, राइफलमैन सूरज सिंह नेगी जी के शहीद होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। आपकी वीरता और बलिदान को नमन, आपकी शौर्यगाथा सदैव हमारी स्मृतियों में जीवंत रहेगी।”
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