देहरादून,। उत्तराखंड में इको-टूरिज्म (पारिस्थितिकी पर्यटन) गतिविधियों को बढ़ावा देने और इसे स्थानीय नागरिकों की आजीविका से जोड़ने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सोमवार (13 जुलाई) को सचिवालय में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने पिछली बैठक के निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट ली और राज्य में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना वनों को स्वरोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान राज्य के पर्यटन और वन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
मुख्य सचिव ने राज्य के लिए एक व्यापक ट्रेकिंग पॉलिसी (Trekking Policy) तैयार कर उसे अगस्त माह तक कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, ट्रेकिंग के लिए नई चोटियों को खोलने की प्रक्रिया को तेज करने और सभी आवश्यक अनुमतियां तत्काल हासिल करने को कहा गया है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चिन्हित चोटियों के ऑडिट कार्य में तेजी लाकर जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
ओवरबुकिंग की समस्या से निपटने और पारदर्शिता लाने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि वन क्षेत्र के तहत आने वाले सभी माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण), ट्रेकिंग, टूरिस्ट साइट्स और वन विश्राम गृहों (फॉरेस्ट रेस्ट हाउस) की बुकिंग को पूरी तरह से ऑनलाइन मोड पर स्थानांतरित किया जाए। इससे पर्यटकों को बुकिंग की सटीक स्थिति का पता चल सकेगा और क्षमता से अधिक बुकिंग को रोका जा सकेगा।
मसूरी के प्रसिद्ध ‘जबरखेत नेचर रिजर्व’ की तर्ज पर राज्य में विकसित की जा रही 9 नई इको-टूरिज्म साइट्स के कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इन सभी 9 साइट्स को अक्टूबर माह तक तैयार कर आम जनता और पर्यटकों के लिए लोकार्पित करने का लक्ष्य दिया है।
प्रदेश के युवाओं को गाइड के रूप में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक औपचारिक ‘नेचर गाइड ट्रेनिंग’ व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए राज्य में एक स्थाई ट्रेनिंग सेंटर और पाठ्यक्रम निर्धारित किया जाएगा। इस कोर्स में भारत सरकार द्वारा संचालित पाठ्यक्रम के साथ ही राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल कुछ अतिरिक्त विषय जोड़े जाएंगे। मुख्य सचिव ने अक्टूबर में ‘वाइल्ड लाइफ वीक’ (वन्यजीव सप्ताह) के अवसर पर इस सर्टिफिकेशन कोर्स को शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
वन विश्राम गृह एवं ट्रेकिंग के लिए चिन्हित 31 विशिष्ट साइट्स के साथ-साथ इको कैम्प और इको हब के बेहतर संचालन के लिए वन विभाग या वन निगम में से किसी एक एजेंसी का चयन किया जाएगा। मुख्य सचिव ने इस संबंध में एक महीने के भीतर विस्तृत योजना प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अतिरिक्त, वन निगम को प्रशासनिक और वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए एक प्रस्ताव शीघ्र ही शासन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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