देहरादून | उत्तराखंड में कुदरत के बदले मिजाज ने सबको चौंका दिया है। अप्रैल के पहले हफ्ते में जहां चिलचिलाती गर्मी शुरू हो जाती थी, वहां इस बार लोगों ने फिर से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में झमाझम बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रुख बने रहने के संकेत दिए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी 8 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
मंगलवार को हुई रुक-रुक कर बारिश और बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। दिन में कई बार बादलों की वजह से अंधेरा छा गया। दून में रात का तापमान भी सामान्य से 2 डिग्री कम होकर 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पहाड़ों में यह अंतर और भी ज्यादा है, जहां दिन में भी लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सक्रिय होना है। यह विक्षोभ अरब सागर और भूमध्य सागर से नमी लेकर उत्तर भारत पहुंचा है। इसके कारण बादलों का निर्माण हुआ और सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। हिमालयी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं ने ‘सोने पर सुहागा’ का काम किया है, जिससे मैदानी इलाकों में भी पारा गिर गया।
जहां एक ओर शहर के लोगों को गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहावना हो गया है, वहीं अचानक ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
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