देहरादून, 4 अगस्त, 2025: उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा के प्रमुख राजमार्गों सहित प्रदेश की 59 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं।मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को अनावश्यक पहाड़ी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा मार्ग प्रभावित
भारी बारिश और जगह-जगह मलबा आने से यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गए हैं।यमुनोत्री हाईवे रानाचट्टी, स्यानाचट्टी और पाली गाड के पास मलबा आने से बाधित है। वहीं, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी देवरानी के पास मलबा और पत्थर आने के कारण अवरुद्ध हो गया है।
बद्रीनाथ जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग भी उमट्टा, कर्णप्रयाग, भनेरपानी, पीपलकोटी और नंदप्रयाग में मलबा आने से बाधित हुआ था, हालांकि काफी मशक्कत के बाद इसे यातायात के लिए खोल दिया गया है, लेकिन भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड के पास मुनकटिया में भूस्खलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसके कारण पैदल मार्ग पर भी असर पड़ा है और यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोका गया है।
प्रदेश भर में सड़कों का जाल प्रभावित
राज्य भर में भूस्खलन के कारण कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख मार्ग सहित कुल 19 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा, उत्तरकाशी में 11, चमोली में आठ, देहरादून और पौड़ी में पांच-पांच, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में चार-चार और अल्मोड़ा, नैनीताल और टिहरी में एक-एक सड़क अवरुद्ध है। प्रशासन द्वारा इन बंद सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
उफान पर नदियाँ और नाले
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं।काली नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार में भी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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