देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने और उसके बाद आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस संकट की घड़ी में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना आंध्र प्रदेश का दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और सीधे आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “हमारी सरकार इस आपदा की घड़ी में पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रत्येक लापता व्यक्ति की तलाश और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की, जिन्होंने केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी
सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। प्रतिकूल मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों की चुनौतियों के बावजूद, बचाव दलों ने अब तक 190 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।
प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। केंद्र सरकार ने भी चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर भेजे हैं ताकि बचाव कार्यों में और तेजी लाई जा सके। घायलों के इलाज के लिए दून मेडिकल कॉलेज, कोरोनेशन जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही, प्रभावितों के लिए हर्षिल और झाला में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहाँ भोजन और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से 24×7 स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया है।
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