क्या आप जानते हैं कि गणेश चतुर्थी सिर्फ 10 दिन की ही क्यों होती है?
इसका संबंध महाभारत से जुड़ी एक रोचक कथा से है। कहा जाता है कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना करने का निश्चय किया। उन्हें अपने विचारों को निरंतर और बिना रुके लिखने वाला लेखक चाहिए था। इस कठिन कार्य के लिए उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की।
गणेश जी ने शर्त रखी—वेदव्यास जी को बिना रुके लगातार बोलते रहना होगा, तभी वे महाभारत लिखेंगे। वेदव्यास जी ने चुनौती स्वीकार की और लेखन कार्य प्रारंभ हुआ।
लेखन कार्य गणेश चतुर्थी के दिन शुरू हुआ और दस दिनों तक लगातार चला। इतने लंबे समय तक दिन-रात लिखते रहने से गणेश जी का शरीर अत्यधिक गर्म हो गया। जब महाभारत का लेखन पूरा हुआ, तो वेदव्यास जी ने उन्हें ठंडा करने के लिए नदी में स्नान कराया।
यहीं से गणेश चतुर्थी के दस दिन मनाने की परंपरा शुरू हुई। और दसवें दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाता है, ताकि उनकी कृपा और आशीर्वाद हमेशा हमारे जीवन में बनी रहे।
पौड़ी गढ़वाल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार 6 फरवरी को पौड़ी गढ़वाल जिले…
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में ब्रह्मलीन संत स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज की मूर्ति…
देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म होगा, सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित कर…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू के…
मसूरी। प्रसिद्ध यात्रा लेखक और पद्मश्री सम्मानित ह्यू गैंटज़र का मंगलवार को 94 वर्ष की…
देहरादून: रेल बजट से उत्तराखंड को इस साल 4,769 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग समेत…