क्या आप जानते हैं कि गणेश चतुर्थी सिर्फ 10 दिन की ही क्यों होती है?
इसका संबंध महाभारत से जुड़ी एक रोचक कथा से है। कहा जाता है कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना करने का निश्चय किया। उन्हें अपने विचारों को निरंतर और बिना रुके लिखने वाला लेखक चाहिए था। इस कठिन कार्य के लिए उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की।
गणेश जी ने शर्त रखी—वेदव्यास जी को बिना रुके लगातार बोलते रहना होगा, तभी वे महाभारत लिखेंगे। वेदव्यास जी ने चुनौती स्वीकार की और लेखन कार्य प्रारंभ हुआ।
लेखन कार्य गणेश चतुर्थी के दिन शुरू हुआ और दस दिनों तक लगातार चला। इतने लंबे समय तक दिन-रात लिखते रहने से गणेश जी का शरीर अत्यधिक गर्म हो गया। जब महाभारत का लेखन पूरा हुआ, तो वेदव्यास जी ने उन्हें ठंडा करने के लिए नदी में स्नान कराया।
यहीं से गणेश चतुर्थी के दस दिन मनाने की परंपरा शुरू हुई। और दसवें दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाता है, ताकि उनकी कृपा और आशीर्वाद हमेशा हमारे जीवन में बनी रहे।
रुद्रप्रयाग/केदारनाथ:विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में हालिया भारी बर्फबारी के बाद पूरी केदार घाटी…
देहरादून: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही 'प्रवेश नियमों' को लेकर प्रदेश…
देहरादून | देवभूमि उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधामों में प्रवेश को लेकर लिए गए मंदिर समितियों के…
देहरादून: उत्तराखंड में राज्य सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में…
देहरादून: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने…
हरिद्वार। हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।…