
- जल जीवन मिशन और पेयजल विभाग में शिकायतों का ढेर देख बिफरे मुख्यमंत्री
- शून्य प्रतिशत शिकायत निस्तारण करने वाले अधिकारियों को तत्काल जारी होगा ‘कारण बताओ’ नोटिस
- हर सोमवार को जिला, मंडल और शासन स्तर पर आयोजित होगा ‘समाधान दिवस’
- IAS-IPS-IFS अधिकारियों को शुरुआती तैनाती वाले क्षेत्रों में किए गए नवाचारों की सूची 50 दिनों में देनी होगी
- रिटायरमेंट के पहले ही महीने से मिलेगी पेंशन, देरी पर विभागाध्यक्ष होंगे जिम्मेदार
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हर शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से जुड़ी अत्यधिक शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। सीएम धामी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा में जन समस्याओं का समाधान न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की प्रगति शून्य (0%) पाई गई है, उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सीएम ने विभागाध्यक्षों को तत्काल ‘कारण बताओ’ (Show Cause) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, कर्मचारियों के कल्याण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कार्मिकों को पहले ही महीने से पेंशन मिलनी चाहिए। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं होगी और इसकी सीधी जवाबदेही संबंधित विभागाध्यक्ष की तय की जाएगी।
हर सोमवार को आयोजित होगा ‘समाधान दिवस’
जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। अब से:
- जिला स्तर पर: जिलाधिकारी (DM)
- मंडल स्तर पर: दोनों मंडलायुक्त (Commissioners)
- शासन स्तर पर: सभी सचिव (Secretaries)
प्रत्येक सोमवार को ‘समाधान दिवस’ के माध्यम से जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर समाधान करेंगे। इस व्यवस्था की शासन स्तर से नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्व में दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी अपनी सेवाकाल की शुरुआती तैनाती वाले क्षेत्रों में किए गए जनसुविधा से जुड़े नवाचारों की विस्तृत रिपोर्ट 50 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें।
साथ ही, आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग (PWD), पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
CM हेल्पलाइन 1905 की वर्तमान स्थिति (18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026):
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने हेल्पलाइन के आंकड़े प्रस्तुत किए:
- कुल प्राप्त शिकायतें: 67,843
- पूर्ण निस्तारित: 20,461
- आंशिक निस्तारित: 31,363
- प्रक्रियाधीन: 7,404
- लंबित: 4,061
- स्पेशल क्लोज श्रेणी: 3,738 (स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5% रह गई है)
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शिकायतों के औसतन निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पूर्व वे अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें, क्योंकि अगली बैठक में केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि शिकायतकर्ताओं की वास्तविक संतुष्टि पर जवाबदेही तय होगी।
