- खड़खड़ी स्थित सूखी नदी के रपटे पर खड़ी थीं श्मशान घाट आए लोगों की गाड़ियां
- पहाड़ों में बारिश के बाद अचानक बढ़ा जलस्तर, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई
- चेतावनी बोर्ड के बावजूद नदी के कैचमेंट एरिया में वाहन पार्क कर रहे लोग
- एसपी सिटी ने की अपील: नदी क्षेत्र में वाहन न खड़ा करें, तय पार्किंग का ही करें इस्तेमाल

हरिद्वार। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। हरिद्वार के खड़खड़ी क्षेत्र स्थित सूखी नदी में गुरुवार को अचानक आए उफान से हड़कंप मच गया। नदी के तेज बहाव में रपटे पर खड़ी दो कारें ताश के पत्तों की तरह बह गईं। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त गाड़ियों के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को कुछ लोग खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। उन्होंने अपने वाहन सूखी नदी के रपटे पर खड़े कर दिए थे। इसी दौरान पहाड़ों में हुई तेज बारिश से सूखी नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी आ गया।
देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि रपटे पर खड़ी दो कारें बहकर नीचे चली गईं। आगे गंगा नदी के मुहाने पर पानी कम होने के कारण दोनों गाड़ियां नीचे जाकर फंस गईं। पानी के रौद्र रूप को देखते हुए किसी ने भी गाड़ियों को बचाने का जोखिम नहीं उठाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पानी का बहाव थोड़ा कम होने के बाद पुलिस ने जेसीबी और क्रेन की मदद से दोनों कारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और वाहनों को बाहर निकाल लिया गया है। हादसे में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
सूखी नदी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा जगह-जगह ‘वाहन खड़ा न करने’ के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोग और बाहरी श्रद्धालु अक्सर गाड़ियों को रपटे या नदी के मुहाने पर पार्क कर देते हैं। सूखी नदी में अचानक पानी आने से गाड़ियां बहने का यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं।
प्रशासन द्वारा इन हादसों को रोकने के लिए कुंभ मेले के बजट से यहाँ नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, निर्माण कार्य जारी होने के कारण इस बार कांवड़ मेले से पहले पुल तैयार नहीं हो सका, लेकिन आगामी कुंभ मेले से पहले इसके निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
एसपी सिटी अभय सिंह ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि बरसात के मौसम में सूखी नदी के रपटे या नदी तल में अपने वाहन कतई खड़े न करें। सभी लोग अपने वाहनों को प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
