- जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तहसील और उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
- जमीनों की पैमाइश से जुड़ी फाइलें 1 साल से अधिक समय से लटकी मिलीं; नियमानुसार 2 दिन में होना था निस्तारण
- कर्मचारियों से देरी का कारण पूछने पर नहीं मिला संतोषजनक जवाब
- DM ने एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को दिए विस्तृत जांच के निर्देश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

हल्द्वानी। हल्द्वानी में प्रशासनिक कार्यप्रणाली में लापरवाही और ढिलाई पर जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल का कड़ा रुख देखने को मिला है। गुरुवार को जिलाधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक हल्द्वानी तहसील और उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचे। डीएम के इस औचक निरीक्षण से तहसील परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जमीनों की पैमाइश से संबंधित लंबित आवेदनों की फाइलें मंगाकर उनकी बारीकी से जांच की। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिस पैमाइश कार्य का निस्तारण नियमानुसार महज दो दिन के भीतर होना चाहिए था, उसके लिए आवेदकों को एक साल से भी अधिक समय तक चक्कर काटने पड़े।
जब जिलाधिकारी ने संबंधित पटल के कर्मचारियों से फाइलों के महीनों तक धूल फांकने का कारण पूछा, तो कोई भी कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कर्मचारियों की इस हीलाहवाली पर डीएम ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।
तहसील कार्यालय के बाद जिलाधिकारी सीधे उपजिलाधिकारी (SDM) दफ्तर पहुंचे। वहां तहसील से भेजी गई फाइलों का परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि कई महत्वपूर्ण फाइलों को बिना किसी ठोस कारण के बेवजह लंबित रखा गया था। प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की गंभीर लापरवाही सामने आने पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अपर जिलाधिकारी (ADM) और सिटी मजिस्ट्रेट को सभी लंबित फाइलों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है, ताकि ढिलाई बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “जनता से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या बेवजह की देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट आते ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।”
