
मुख्य बिंदु :
- चढ़ावा चोरी पर बढ़ा विवाद: बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद साधु-संतों ने जताई चिंता।
- SIT जांच की मांग: संतों ने केवल विभागीय जांच को नाकाफी बताते हुए मुख्यमंत्री से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की।
- कमेटी गठित: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की जांच के लिए पहले ही चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
- भैरव सेना की शिकायत: धार्मिक संगठन ‘भैरव सेना’ की शिकायत के बाद मंदिर प्रशासन ने शुरू की है जांच की प्रक्रिया।
हरिद्वार। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले पर अब हरिद्वार के साधु-संतों ने भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और चिंता जाहिर की है। संतों का कहना है कि बदरीनाथ धाम देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। ऐसे में वहां चढ़ावे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का आरोप बेहद गंभीर है। संतों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सरकार को तत्काल एक एसआईटी (SIT) का गठन करना चाहिए।
‘विभागीय जांच काफी नहीं, मुख्यमंत्री SIT गठित करें’: स्वामी रूपेंद्र प्रकाश
महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने मामले पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “भगवान बदरीनाथ का धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां लोग अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं। चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत आना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले को केवल विभागीय स्तर की जांच तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल एक एसआईटी (SIT) गठित करनी चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
‘चारधाम में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती’: महंत रविंद्रपुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने मंदिर समिति द्वारा जांच बैठाने के निर्णय का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “सामान्य मंदिरों में छोटी-मोटी चोरियों की बातें आती रहती हैं, लेकिन चारधाम जैसे प्रतिष्ठित और आस्था के बड़े केंद्रों में ऐसी घटनाएं बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।”
उन्होंने बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष से अपील की कि मंदिर के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की बागडोर केवल अनुभवी और विश्वसनीय कर्मचारियों को ही सौंपी जाए और सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था को और कड़ा किया जाए।
भैरव सेना की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब धार्मिक संगठन ‘भैरव सेना’ की ओर से बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर एक लिखित शिकायत दी गई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। संतों ने हाल ही में अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चोरी की घटना का हवाला देते हुए बदरीनाथ धाम में भी कड़े सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंध करने की जरूरत पर बल दिया है।
