देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिहाज से कड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इस बार प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपने शरीर को पहाड़ी वातावरण के अनुकूल ढालने के लिए कम से कम सात दिनों का यात्रा प्लान तैयार करें।
पंजीकरण के बिना नहीं होंगे दर्शन
सरकार ने चारधाम दर्शन के लिए पंजीकरण (Registration) को अनिवार्य कर दिया है। यह पूरी प्रक्रिया ‘पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली’ के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण से जुड़ी होगी।
स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी की सलाह
हिमालयी क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और वायुदाब में कमी को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं:
डिजिटल सुरक्षा और मौसम अपडेट
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है:
सरकार ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवाओं का ही उपयोग करें और यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करें ताकि यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।
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