UTTARAKHAND

चारधाम यात्रा: सरकार ने जारी की SOP, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे दर्शन; जानिए क्या हैं नए नियम

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिहाज से कड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इस बार प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपने शरीर को पहाड़ी वातावरण के अनुकूल ढालने के लिए कम से कम सात दिनों का यात्रा प्लान तैयार करें।

पंजीकरण के बिना नहीं होंगे दर्शन
सरकार ने चारधाम दर्शन के लिए पंजीकरण (Registration) को अनिवार्य कर दिया है। यह पूरी प्रक्रिया ‘पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली’ के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण से जुड़ी होगी।

  • पंजीकरण के माध्यम: श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या भौतिक (Physical) काउंटरों के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं।
  • QR कोड और टोकन: पंजीकरण सफल होने के बाद यात्री के मोबाइल पर एक विशिष्ट पहचान संख्या और QR कोड का संदेश आएगा। इसे ‘यात्री मित्रों’ द्वारा स्कैन किया जाएगा। दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद ही दर्शन के लिए टोकन जारी किया जाएगा।
  • सत्यापन केंद्र: यात्रियों के दस्तावेजों का सत्यापन बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट जैसे प्रमुख पड़ावों पर किया जाएगा। केवल निर्धारित तिथि पर ही यात्रियों को धामों में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी की सलाह
हिमालयी क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और वायुदाब में कमी को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं:

  1. स्वास्थ्य जांच: यात्रा शुरू करने से पहले यात्री अपनी मेडिकल जांच अवश्य करवाएं।
  2. अनुकूलन (Acclimatization): कम से कम 7 दिन की यात्रा योजना बनाएं ताकि शरीर ऊंचाई वाले क्षेत्रों के वातावरण के अनुकूल हो सके।
  3. जरूरी सामान: यात्री अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट और अपनी नियमित दवाएं अनिवार्य रूप से रखें।

डिजिटल सुरक्षा और मौसम अपडेट
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है:

  • सचेत मोबाइल ऐप: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यात्रियों से ‘सचेत’ (Sachet) ऐप डाउनलोड करने का आग्रह किया है। इसके माध्यम से मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के रियल-टाइम अलर्ट प्राप्त होंगे।
  • साइबर सुरक्षा: यात्रा के दौरान किसी भी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर यात्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दे सकते हैं।
  • कंट्रोल रूम: किसी भी आपात स्थिति के लिए यात्रा कंट्रोल रूम के नंबर 0135-2559898 या टोल-फ्री नंबर 1364 पर संपर्क किया जा सकता है।

सरकार ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवाओं का ही उपयोग करें और यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करें ताकि यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।

Tv10 India

Recent Posts

उपनल कर्मियों के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार ने वापस लिया हलफनामा, 10 सितंबर को 3 सचिवों को पेश होने का आदेश

मुख्य बिंदु: पुराना हलफनामा वापस लिया: राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दायर शपथ पत्र…

2 hours ago

सरकारी स्कूलों की दुर्दशा पर नैनीताल हाईकोर्ट सख्त, पुराने आंकड़ों पर जताई नाराजगी; मांगी वर्तमान स्थिति

मुख्य बिंदु: पुराने आंकड़ों पर हाईकोर्ट की नाराजगी: मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा…

2 hours ago

उत्तराखंड में बारिश का कहर: अलकनंदा खतरे के निशान के पास पहुंची, डैम के गेट खोले; लक्सर के 24 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा

मुख्य बिंदु: नदियां-नाले उफान पर: चमोली और रुद्रप्रयाग में मूसलाधार बारिश से मैदानी इलाकों में जनजीवन…

2 hours ago

उत्तराखंड वन विभाग में 6 ACF अफसरों के तबादले: वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी प्रभारी DFO की कमान, देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट

उत्तराखंड वन विभाग में राज्य वन सेवा संवर्ग (ACF) के 6 अधिकारियों के तबादले किए…

3 hours ago

उत्तराखंड SIR विवाद: वोट काटने के आरोपों पर घिरी बीजेपी, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी; जानिए क्या है पूरा मामला

देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राज्य में राजनीतिक पारा…

8 hours ago

उत्तराखंड में तीलू रौतेली पुरस्कारों का ऐलान: 8 अगस्त को CM धामी 13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को करेंगे सम्मानित; देखें पूरी लिस्ट

देहरादून:उत्तराखंड में समाज निर्माण और महिला सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित…

8 hours ago